नोएडा के सेक्टर-119 स्थित एक ऊंची रिहायशी इमारत में लगी आग ने एयर कंडीशनर की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. शुरुआती जानकारी में एसी विस्फोट को घटना की वजह बताया गया है. तेज गर्मी के इस दौर में एसी का बढ़ता इस्तेमाल कई तकनीकी जोखिम भी सामने ला रहा है.
उत्तर भारत में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जिससे एयर कंडीशनर लंबे समय तक बिना रुके चल रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी में एसी का कंप्रेसर जरूरत से ज्यादा काम करता है. इससे मशीन के भीतर दबाव बढ़ने लगता है. यदि कंडेंसर कॉइल पर धूल जमा हो जाए या गर्मी बाहर न निकल पाए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. ऐसे में एसी के महत्वपूर्ण हिस्सों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जो दुर्घटना का कारण बन सकता है.
Once again, an AC blast has caused a fire in a flat in Noida, see how the upper part of the multi in sector 119 is burning.#Fire #Noida pic.twitter.com/ggLE2Ax8Kj
— Surbhi Bhawsar (@SurbhiBhawsar4) June 29, 2026Also Read
तकनीकी जानकार बताते हैं कि पुराने पाइप या जोड़ों से रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव होने पर खतरा बढ़ जाता है. यदि यह गैस किसी चिंगारी या खराब वायरिंग के संपर्क में आ जाए तो अचानक आग या विस्फोट हो सकता है. लगातार चलने से तारों की इंसुलेशन भी कमजोर पड़ सकती है. इसके अलावा गर्मियों में होने वाले वोल्टेज उतार-चढ़ाव शॉर्ट सर्किट की आशंका बढ़ा देते हैं.
इस वर्ष दिल्ली-एनसीआर में एसी से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं. हौज खास में एसी विस्फोट के बाद लगी आग में एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की जान चली गई थी. वहीं विवेक विहार में एसी से जुड़ी आग की घटना में नौ लोगों की मौत हुई. नोएडा और अन्य इलाकों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं. विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि एसी की नियमित सर्विस, वायरिंग की जांच और गैस स्तर की निगरानी समय रहते करानी चाहिए, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके.