दिल्ली में सिर्फ 15 दिन में 807 लोग गायब हो गए, जिनमें सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं, ये हालात बेहद डराने वाले हैं: केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में सिर्फ 15 दिन में 807 लोग गायब हो गए, जिनमें सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं.
नई दिल्ली: भाजपा की चार इंजन की सरकार को देश की राजधानी दिल्ली में लोगों की सुरक्षा की चिंता नहीं है. नतीजन दिल्ली में न सिर्फ अपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, बल्कि बड़ी तादात में लोग गायब भी हो रहे हैं. इनमें महिलाओं और बच्चों की तादात सबसे ज्यादा है. दिल्ली में हर रोज करीब 54 लोगों के गायब होने पर 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला है.
उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है. मात्र 15 दिनों में 807 लोगों का गायब होना चौपट हो चुकी सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण है. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की जनता से सर्तक और सावधान रहने की भी अपील की है.
केजरीवाल का सरकार पर तीखा हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में सिर्फ 15 दिन में 807 लोग गायब हो गए, जिनमें सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं. ये हालात सामान्य नहीं, बेहद डराने वाले हैं. देश की राजधानी में लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है. दिल्ली में हर स्तर पर भाजपा के पास पूरी ताकत है, फिर भी दिल्ली इतनी असुरक्षित क्यों है?
'सरकार के चारों इंजन फेल हो गए'
उधर, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की जनता से सावधान रहने की अपील की है. पार्टी ने कहा है कि देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 15 दिनों में 800 से ज्यादा लोग गायब हो गए हैं, इसमें से ज्यादातर बच्चियां हैं. आपके बच्चों की सुरक्षा करने में सरकार के चारों इंजन फेल हो गए हैं. इसलिए अपना और अपने बच्चों का ध्यान रखें. दिल्ली की कानून व्यवस्था आईसीयू में है. 1 से 15 जनवरी के बीच 807 लोग लापता हुए. हर दिन 54 लोग गायब हुए. दिल्ली से ऐसे भयानक आंकड़े सामने आ रहे लेकिन कानून व्यवस्था का खिलौना बना चुकी भाजपा सो रही है.
'हर रोज दिनदहाड़े हत्याएं हो रही'
पार्टी ने कहा है कि दिल्ली में हर रोज दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं, सड़कों पर सरेआम मर्डर करके अपराधी फरार हो जाते हैं और दिल्ली पुलिस के बॉस अमित शाह को कोई फर्क नहीं पड़ रहा, चार इंजन की सरकार को ‘चारसौबीसी’ से फुर्सत नहीं और दिल्ली के लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं.