दिल्ली दंगा 2020: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपी दोषी करार

दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत सभी आरोपियों को दोषी ठहराया है. करीब छह साल बाद इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक फैसला सामने आया.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया है. पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. लंबे समय तक चली सुनवाई, गवाहों के बयान और जांच एजेंसियों की पड़ताल के बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है.

25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा की चपेट में थी. उसी दिन आईबी अधिकारी अंकित शर्मा घर लौटने के बाद इलाके का हाल जानने बाहर निकले थे. इसके बाद वह वापस नहीं लौटे. अगले दिन उनका शव चांद बाग क्षेत्र के पास एक नाले से बरामद हुआ, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया.

जांच में क्या सामने आया?

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान कई गवाहों, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सामग्री के आधार पर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान हिंसक भीड़ सक्रिय थी और हत्या एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा थी. ताहिर हुसैन को इस मामले का प्रमुख आरोपी बताया गया.


अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें

अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपियों ने मिलकर हिंसा को अंजाम दिया और उपलब्ध साक्ष्य उनकी भूमिका की पुष्टि करते हैं. वहीं बचाव पक्ष ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके मुवक्किलों को झूठा फंसाया गया है और प्रत्यक्ष साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से सुनवाई की.

छह साल बाद आया फैसला

लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने ताहिर हुसैन समेत सभी 11 आरोपियों को दोषी करार दिया. इस फैसले के साथ वर्ष 2020 के सबसे चर्चित मामलों में से एक पर महत्वपूर्ण न्यायिक निष्कर्ष सामने आया. पीड़ित परिवार ने इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है.

सजा पर अब रहेगी सबकी नजर

दोष सिद्ध होने के बाद अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी. इस मामले का फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े अन्य मुकदमों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की सुनवाई में सजा का निर्धारण इस बहुचर्चित मामले का अगला अहम चरण होगा.