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छत्तीसगढ़ में 10 सालों में सबसे ठंडा नवंबर, तापमान में भारी गिरावट; चारों-तरफ घना छाया कोहरा

इस साल छत्तीसगढ़ में सामान्य से काफी पहले तेज ठंड शुरू हो गई है. नवंबर में जहां हल्की सर्दी रहती है, वहीं इस बार उत्तरी हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिर रहा है.

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Princy Sharma

छत्तीसगढ़: इस साल छत्तीसगढ़ अप्रत्याशित और तीव्र शीत लहर का सामना कर रहा है और तापमान सामान्य से काफी पहले ही गिर गया है. आमतौर पर नवंबर में राज्य में हल्की सर्दी ही पड़ती है, लेकिन इस बार ठंड का असर काफी ज्यादा है, जिसने सभी को चौंका दिया है. देश के उत्तरी हिस्सों से आ रही ठंडी हवाओं ने तापमान में तेजी से गिरावट ला दी है और इस सर्द मौसम का असर हर दिन बढ़ता ही जा रहा है. 

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए शीत लहर की चेतावनी जारी कर दी है और लोगों को और भी सर्द सुबह और रात के लिए तैयार रहने को कहा है. तापमान में अचानक आई गिरावट ने लोगों को उम्मीद से पहले ही अपने गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है. बलौदाबाजार, पेंड्रा और अंबिकापुर जैसे जिलों में सुबह के तापमान में काफी गिरावट आई है, जिससे ठंड का एहसास और बढ़ गया है. 

कई इलाकों में तापमान नीचे गिरा

ग्रामीण और शहरी इलाकों में कई लोग अब सुबह और शाम खुद को गर्म रखने के लिए अलाव के आसपास बैठने लगे हैं. छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में भी तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है. दुर्ग जिला इस समय सबसे ठंडा स्थान है, जहां तापमान 10.6 डिग्री C से नीचे चला गया है, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से लगभग 7 डिग्री कम है. राजधानी रायपुर में भी ठंड का असर है, जहां तापमान लगभग 13 डिग्री C तक गिर गया है.

राज्य भर में कोहरा

तापमान में लगातार गिरावट के कारण राज्य भर में कोहरे का प्रभाव भी बढ़ गया है. कई जिलों में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता कम हो रही है और यात्रा करना मुश्किल हो रहा है. सरगुजा क्षेत्र में सबसे घना कोहरा छाया हुआ है, जहां लोगों को गाड़ी चलाते या पैदल चलते समय छोटी दूरी का भी देखने में कठिनाई हो रही है.

10 वर्षों में सबसे ठंडा नवंबर

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में यह लगभग 10 वर्षों में सबसे ठंडा नवंबर है. विभाग के अनुसार, उत्तर से आने वाली तेज ठंडी हवाएं जारी रहने की उम्मीद है और शीत लहर दिसंबर तक जारी रह सकती है. निवासियों को सलाह दी गई है कि वे गर्म रहें, खासकर सुबह और देर शाम के समय, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान और भी गिर सकता है.