छत्तीसगढ़ में जबरन धर्म परिवर्तन पर उम्रकैद का सख्त कानून लागू, साय सरकार का बड़ा कदम

उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मतांतरण विरोधी कानून अब पूरी तरह लागू हो गया है. किसी भी तरह के धर्म परिवर्तन के लिए सरकार द्वारा तय की गई प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा. बिना अनुमति के जबरन या गलत तरीके से धर्म बदलने पर अब कार्रवाई होगी.

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छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सामाजिक सद्भाव और धार्मिक स्वतंत्रता को मजबूत करने के लिए नया कानून लागू कर दिया है. छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 की अधिसूचना राजपत्र में जारी कर दी गई है. अब 10 जुलाई 2026 से यह कानून पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है.

जबरन धर्म परिवर्तन पर उम्रकैद का सख्त कानून लागू

इस कानून के तहत बल, लालच, धोखा, प्रलोभन या किसी भी गलत तरीके से किसी व्यक्ति का धर्म बदलवाने वालों को सख्त सजा दी जाएगी. दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. अगर किसी को लालच या धोखे से धर्म बदलने के लिए शादी की गई है, तो उस शादी को भी रद्द (शून्य) घोषित किया जा सकता है.

उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मतांतरण विरोधी कानून अब पूरी तरह लागू हो गया है. किसी भी तरह के धर्म परिवर्तन के लिए सरकार द्वारा तय की गई प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा. बिना अनुमति के जबरन या गलत तरीके से धर्म बदलने पर अब कार्रवाई होगी.


कब और कैसे बना कानून?  

यह विधेयक 19 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में पास हुआ था. 8 अप्रैल को राज्यपाल रमेन डेका ने इस पर हस्ताक्षर किए. अब 10 जुलाई से यह कानून पूरे राज्य में लागू है. यह नया कानून पुराने 1968 वाले अधिनियम की जगह लेगा, जो अविभाजित मध्य प्रदेश का था.

12 राज्यों में पहले से लागू

वर्तमान में देश में केंद्रीय स्तर पर कोई मतांतरण विरोधी कानून नहीं है, लेकिन 12 राज्यों में राज्य स्तर पर ऐसे कानून चल रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं. छत्तीसगढ़ सरकार ने इन सभी राज्यों के कानूनों का अध्ययन करके यह नया और मजबूत प्रावधान बनाया है.

धर्म बदलने की प्रक्रिया

अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपना धर्म बदलना चाहता है तो उसे प्राधिकृत अधिकारी के पास आवेदन देना होगा. इसकी जानकारी सरकारी वेबसाइट, ग्राम पंचायत और स्थानीय थाने में सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी.