रायपुर: छत्तीसगढ़ में इस बार गर्मी ने काफी पहले ही दस्तक दे दी है. राज्य के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है और राजनांदगांव में 16 अप्रैल को 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे उच्चतम तापमान है. इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने स्कूलों की ग्रीष्मकालीन अवकाश की तारीख आगे खींच ली है.
शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए 20 अप्रैल से 15 जून तक छुट्टियां घोषित कर दी हैं. पहले यह अवकाश 1 मई से शुरू होने वाला था. मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि लू के इस कहर में उनकी सेहत सबसे महत्वपूर्ण है.
राज्य के कई हिस्सों में लगातार 40 डिग्री से ऊपर तापमान बने रहने और लू चलने की स्थिति को देखते हुए सरकार ने तुरंत कार्रवाई की. जनसंपर्क विभाग के अधिकारी के अनुसार, मौसम की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया. रायपुर में भी 41.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो बच्चों के लिए स्कूल जाना खतरनाक बनाता है.
यह अवकाश राज्य के सभी सरकारी, प्राइवेट, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा. हालांकि शिक्षकों पर यह छुट्टी लागू नहीं होगी. शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधनों को आदेश जारी कर सख्ती से पालन करने को कहा है.
रायपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग डिवीजन में 16 से 19 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है. अगले तीन दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है. अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री दर्ज किया गया.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने एक्स पर लिखा, “भयंकर लू के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. गर्मी की छुट्टियां पहले शुरू करके हम उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रहे हैं.” उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को घर पर ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाने और छाया में रखने की अपील की.
इस दौरान बच्चों को दोपहर में बाहर न निकलने दें. हल्का और पौष्टिक भोजन दें. ज्यादा पानी पिएं. स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर छुट्टियों की पुष्टि कर लें. 15 जून के बाद स्कूल फिर से खुलेंगे.