रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल किया है. राज्य सरकार ने 12 तहसीलदारों को पदोन्नति देकर राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान में डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया है. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन अधिकारियों को विभिन्न जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विभागीय कार्यकुशलता में सुधार होगा.
पदोन्नति के साथ ही सभी अधिकारियों की नई पदस्थापना भी तय कर दी गई है. महासमुंद में पदस्थ तहसीलदार भवानी शंकर साव को डिप्टी कलेक्टर के रूप में बिलासपुर भेजा गया है. वहीं आयुक्त भू-अभिलेख नवा रायपुर में कार्यरत मुकेश कुमार बजाज को डिप्टी कलेक्टर धमतरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बलरामपुर-रामानुजगंज में पदस्थ सालिक राम गुप्ता को बिलासपुर में डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है.
इसी प्रकार महासमुंद के कृष्ण कुमार साहू को डिप्टी कलेक्टर बेमेतरा नियुक्त किया गया है. रायगढ़ की रिचा सिंह को डिप्टी कलेक्टर जांजगीर-चांपा और बिलासपुर की शिल्पा भगत को डिप्टी कलेक्टर रायगढ़ बनाया गया है. राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण शाला बिलासपुर में कार्यरत राकेश कुमार वर्मा को भी रायगढ़ में डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है.
धमतरी के प्रेमूलाल साहू और रायपुर के प्रकाश सोनी को डिप्टी कलेक्टर दुर्ग नियुक्त किया गया है. बालोद के आशुतोष शर्मा को डिप्टी कलेक्टर कबीरधाम बनाया गया है. वहीं बिलासपुर के अभिषेक राठौर को डिप्टी कलेक्टर कोरबा और दुर्ग की मीना साहू को डिप्टी कलेक्टर रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है.
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जिलों में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. डिप्टी कलेक्टर का पद जिला प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और राजस्व, कानून व्यवस्था तथा विकास कार्यों की निगरानी में इसकी अहम जिम्मेदारी होती है.
सरकार को उम्मीद है कि पदोन्नत अधिकारियों के अनुभव का लाभ जिला प्रशासन को मिलेगा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी. साथ ही जनता से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी सुधार देखने को मिलेगा.
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए हैं. इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य सरकार की प्रशासनिक मजबूती और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. प्रदेशभर में हुए इस बदलाव की प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है.