छत्तीसगढ़ में शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, 7 दिन में होगा शिकायतों का समाधान; CMO से होगी मॉनिटरिंग

छत्तीसगढ़ सरकार जल्द मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू करने जा रही है. नागरिक फोन, व्हाट्सएप और पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करा सकेंगे. शिकायतों का समाधान 7 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है.

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Dhiraj Kumar Dhillon

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा शुरू करने जा रही है. इस नई व्यवस्था के तहत लोग अपनी शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे. इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ली जा सकेगी. हेल्पलाइन सेवा शुरू करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं. जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. शासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सात दिन के भीतर शिकायत का समाधान उपलब्ध कराया जाए. हर शिकायत के लिए एक यूनिक टोकन नंबर जेनरेट होगा, इस नंबर के जरिए फरियादी खुद भी यह पता कर सकेगा कि उसकी शिकायत किस स्तर पर लंबित है.

‌टोल फ्री नंबर 1076 पर सीधे की जा सकेगी शिकायत

सरकार की ओर से इस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 1076 जारी किया जाएगा. इस नंबर पर कॉल करके फरियादी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. इसके अलावा एक वेबसाइट, व्हाट्सएप और मोबाइल एप के जरिए भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर ‌शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी. हेल्पलाइन नंबर की शासन स्तर से मॉनिटरिंग की जाएगी और समयबद्ध शिकायत का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. केंद्रीकृत ‌शिकायत निवारण प्रणाली तकनीक के जरिए प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगी और आमजन का सिस्टम के प्रति भरोसा मजबूत होगा.

एक सप्ताह होगा शिकायत का निस्तारण

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत शुरू की जा रही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का मकसद नागरिकों को समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है. किसी भी शिकायत के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय नियत किया गया है और समय पर शिकायत का निस्तारण न होने की स्थि‌ति में संबंधित अधिकारी को कारण बताना पड़ेगा और संतोषजनक वजह न होने की स्थिति में अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

चार स्तरीय तंत्र किया गया है विकसित

एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के लिए चार स्तरीय तंत्र विकसित किया गया है. शिकायतें खुद ब खुद ब्लॉक, जिला, मंडल और शासन स्तर पर प्रदर्शित होंगी. यानी ब्लॉक पर बैठे अधिकारी शिकायतों को लेकर कितने गंभीर और तत्पर हैं, इसकी जानकारी जिले और मंडल के अलावा शासन स्तर पर बैठे अधिकारी भी कर सकेंगे. शासन स्तर पर संबंधित विभाग के अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय भी शिकायतों की मॉनिटरिंग करेगा.