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India Daily

3 दिन बाद जंगल में मिली लाश, परिजनों ने शव को बोरे में भरकर बाइक से मर्चुरी पहुंचाया, देखें इंसानियत को शर्मसार करने वाला Video

Bilaspur Body Incident: उमाशंकर साहू का शव जंगल में मिला. परिजन शव को बोरी में भरकर बाइक से अस्पताल लाए, क्योंकि पुलिस ने वाहन नहीं दिया. इससे परिजन आक्रोशित हैं और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं.

anvi shukla
Edited By: Anvi Shukla
3 दिन बाद जंगल में मिली लाश, परिजनों ने शव को बोरे में भरकर बाइक से मर्चुरी पहुंचाया, देखें इंसानियत को शर्मसार करने वाला Video
Courtesy: social media

Bilaspur Body Incident: तखतपुर क्षेत्र के जुनापारा चौकी अंतर्गत पुलिस की अमानवीय लापरवाही एक बार फिर सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया. सकेरी गांव के निवासी उमाशंकर साहू के शव को उनके परिजनों ने जंगल से बरामद कर बोरी में भर बाइक से अस्पताल पहुंचाया, क्योंकि पुलिस ने न तो वाहन भेजा और न ही कोई सहयोग किया.

उमाशंकर साहू तीन दिन पहले लकड़ी काटने निमघाट जंगल गए थे, जिसके बाद वे लौटे नहीं. परिजनों ने जुनापारा चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने न तो कोई खोज अभियान चलाया और न ही इलाके का मुआयना किया. अंततः परिजनों और ग्रामीणों ने स्वयं जंगल में जाकर तलाश की और वहां क्षत-विक्षत शव मिला.

जंगली जानवर के हमले की आशंका

शव की हालत देखकर परिवार के लोग जंगली जानवरों के हमले की आशंका जता रहे हैं. बावजूद इसके, इतने गंभीर मामले में भी पुलिस का रवैया पूरी तरह उदासीन रहा. न शव उठाने के लिए वाहन भेजा गया और न ही कोई जवान मौके पर मौजूद था. यह रवैया न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी अवहेलना करता है.

बोरी में भरकर शव को अस्पताल लाए परिजन

मजबूर परिजनों ने शव को बोरी में भरकर बाइक पर लादा और अस्पताल ले गए. इस दृश्य ने हर किसी को विचलित कर दिया. मृतक के पुत्र रोहित साहू और फागुराम साहू ने कहा, 'पुलिस ने हमारे साथ जो किया, वह इंसानियत के खिलाफ है. ऐसे मामलों में संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्होंने हमें अकेला छोड़ दिया.'

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है. सभी ने पुलिस की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर सहायता करती तो शायद शव की स्थिति इतनी खराब नहीं होती.