West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

559 पदों पर 605 लोगों को नौकरी, मृत कर्मचारियों को दे डाला प्रमोशन: छत्तीसगढ़ के आदिवासी कल्याण विभाग में बड़ा घोटाला

छत्तीसगढ़ के आदिवासी कल्याण विभाग में भर्ती और प्रमोशन में बड़ा घोटाला सामने आया है. जिसमें नियमों की अनदेखी कर अतिरिक्त नियुक्तियां की गईं, मृत कर्मचारियों को प्रमोशन मिला, और सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ. अब मामला फिर से जांच के घेरे में है.

web
Kuldeep Sharma

छत्तीसगढ़ के आदिवासी कल्याण विभाग की भर्ती में घोटाले का मामला सामने आया है, जहां 2013 में निकली 559 पदों की वैकेंसी पर 605 लोगों को नौकरी दे दी गई, नियमों के अनुसार नए कर्मचारियों को तीन साल तक सीमित वेतन मिलना था, लेकिन उन्हें शुरुआत से ही 10,890 रुपए मासिक वेतन मिलने लगा, जबकि तय राशि 4,943 रुपए थी. 16 महीनों तक इस गड़बड़ी पर किसी की नजर नहीं गई, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है.

मृत कर्मचारियों के नाम प्रमोशन लिस्ट में शामिल

10 साल बाद जब कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि प्रमोशन सूची में 11 ऐसे कर्मचारियों के नाम थे, जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी. इनमें फूलकुमारी, गणेश राम, परखित कुमार, चंपा चौहान जैसे कई नाम शामिल हैं, जिनकी मौत 2016 से 2021 के बीच हो चुकी थी. इसके बावजूद उन्हें दस्तावेज़ों में प्रमोट कर दिया गया.

जांच के बाद भी लापरवाही

शिकायत मिलने पर विभाग ने आंतरिक जांच की, जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई और रायगढ़ के सहायक आयुक्त को निलंबित किया गया. हालांकि, इसके बाद कार्रवाई ठंडी पड़ गई. जब मामला विधानसभा में उठा, तो 2025 में दोबारा जांच के आदेश दिए गए. कांग्रेस ने इसे बीजेपी सरकार की "घूसखोरी की नीति" बताया, जबकि बीजेपी ने इसे एक "इंसानी गलती" कहकर सफाई दी है.