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'वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे', तेजस्वी के बयान से बिहार में मचा बवाल, BJP ने साधा निशाना

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जारी चुनाव प्रचार के क्रम में राजद नेता तेजस्वी यादव ने वक्फ कानून को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. तेजस्वी के इस बयान पर बीजेपी हमलावर हो गई है.

Kanhaiya Kumar Jha
'वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे', तेजस्वी के बयान से बिहार में मचा बवाल, BJP ने साधा निशाना
Courtesy: X

कटिहार: बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो वक्फ अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.

कटिहार में आयोजित एक जनसभा में तेजस्वी यादव ने कहा कि जब हम लालू यादव और राबड़ी देवी के नेतृत्व में सत्ता में थे, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बिहार में आकर भाइयों के बीच अराजकता फैलाने की हिम्मत नहीं हुई. हमने कभी किसी के आगे घुटने नहीं टेके. लालू यादव हमेशा भाजपा से लड़े हैं और हम भी उसी रास्ते पर हैं. भाजपा अगर किसी से डरती है तो वह लालू यादव हैं.

तेजस्वी से पहले इस RJD नेता का वीडियो हुआ था वायरल

तेजस्वी यादव के इस बयान से पहले सोशल मीडिया पर राजद नेता कारी सोहैब का एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें वे खगड़िया में एक चुनावी रैली के दौरान कहते दिखे कि 'मैं समाज के सभी वर्गों से अपील करता हूं कि किसी के बहकावे में न आएं. जिन लोगों ने वक्फ बिल पारित किया है, उनका इलाज होना चाहिए. बिहार और देश को बचाने के लिए एनडीए को हराएं और महागठबंधन को वोट दें. तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनते ही ऐसे सभी बिल फाड़कर फेंक दिए जाएंगे, चाहे वह वक्फ बिल हो या कोई और.'

सोहैब ने आगे कहा कि राजद को वोट दें और तेजस्वी भाई को बिहार का मुख्यमंत्री बनाएं. वह हमारे विरोधियों के साथ उचित व्यवहार करेंगे और वक्फ जैसे बिल लाने वालों के साथ भी हिसाब बराबर करेंगे.

भाजपा का पलटवार

राजद नेताओं के इन बयानों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने कहा कि वक्फ विधेयक संसद में सभी दलों के सहयोग से पारित हुआ है. जो लोग अब इसका विरोध कर रहे हैं, वे जनता को भड़काने और गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. यह पूरी तरह वोट बैंक की राजनीति है.

सुप्रीम कोर्ट ने लगाए थे कुछ प्रावधानों पर रोक

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की कुछ धाराओं पर रोक लगा दी थी. मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति की पीठ ने कई प्रावधानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया था, जिनमें शामिल हैं:-

धारा 3(1)(आर): वक्फ बनाने के लिए व्यक्ति का पाँच साल तक मुस्लिम होना अनिवार्य.

धारा 3सी(2): वक्फ संपत्ति को तब तक मान्यता नहीं जब तक नामित अधिकारी रिपोर्ट न दे.

धारा 3सी(3): अधिकारी द्वारा संपत्ति को सरकारी घोषित करने पर राजस्व अभिलेखों में सुधार का प्रावधान.

हालांकि वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों के नामांकन वाले प्रावधान पर न्यायालय ने रोक नहीं लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय व राज्य वक्फ बोर्डों में सीमित संख्या में गैर-मुस्लिम सदस्य रह सकते हैं.

तेजस्वी के अन्य वादे

तेजस्वी यादव ने यह भी घोषणा की कि अगर उनकी सरकार बनी तो पंचायती राज प्रतिनिधियों के भत्ते दोगुने किए जाएंगे. इसके साथ ही उन्हें 50 लाख रुपये का बीमा कवर और पेंशन सुविधा भी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि RJD सत्ता में आई तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के वितरकों की मार्जिन मनी भी बढ़ाई जाएगी.