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महागठबंधन के गढ़ों में वोटिंग धीमी करने की साजिश, तेजस्वी यादव ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि महागठबंधन के मजबूत क्षेत्रों में वोटिंग को जानबूझकर धीमा करने की साजिश रची जा रही है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
महागठबंधन के गढ़ों में वोटिंग धीमी करने की साजिश, तेजस्वी यादव ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप
Courtesy: social media

पटना: बिहार में चुनावी माहौल गर्माने के बीच महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने मंगलवार को एक सनसनीखेज आरोप लगाया है. 

उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से महागठबंधन के मजबूत इलाकों में मतदान की गति धीमी करने की कोशिशें की जा रही हैं, ताकि विपक्षी वोट प्रतिशत कम हो सके. चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने चेतावनी दी कि इस बार ऐसी साजिशें सफल नहीं होने दी जाएंगी.

‘धीमी वोटिंग’ की साजिश का आरोप

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जिन सीटों पर 60% से अधिक मतदान की उम्मीद है और जहां महागठबंधन का जनाधार मजबूत है, वहां जानबूझकर वोटिंग की प्रक्रिया धीमी की जा रही है. उन्होंने कहा कि 'एक साजिश रची गई है ताकि महागठबंधन के समर्थक लंबी कतारों में थककर लौट जाएं. लेकिन इस बार हम पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी कीमत पर ऐसा होने नहीं देंगे.'

अधिकारीयों को दी सख्त चेतावनी

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी इस साजिश में शामिल पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. तेजस्वी ने अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि 'अगर कोई अफसर गृह मंत्री की मिलीभगत से गड़बड़ी करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.' उन्होंने दावा किया कि इस बार चुनावी गड़बड़ियों पर महागठबंधन की कड़ी नजर रहेगी.

चुनाव आयोग पर दोबारा निशाना

तेजस्वी यादव पहले भी बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने कहा कि आयोग का रवैया सत्ताधारी दल के पक्ष में है. जुलाई में उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर मतदाता सूची संशोधन नहीं रोका गया, तो महागठबंधन चुनावों का बहिष्कार कर सकता है. अगस्त में उन्होंने दावा किया था कि उनका नाम ही नई सूची से हटा दिया गया है.

चुनावी संग्राम का बढ़ता तापमान

6 और 11 नवंबर को होने वाले दो चरणों वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी पारा लगातार चढ़ रहा है. 243 सीटों पर होने वाले चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. इस बार मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा माना जा रहा है. वहीं, प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' पार्टी भी पहली बार मैदान में उतर रही है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.

मुख्य राजनीतिक समीकरण

एनडीए में भाजपा, जदयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं. वहीं, महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, माकपा, भाकपा, भाकपा(माले) और विकासशील इंसान पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ रही हैं. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष इस बार सत्ता परिवर्तन का दावा कर रहा है.