IMD Weather

सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम की राजनीतिक शुरुआत, बिहार की दीघा सीट से लड़ेंगी चुनाव

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कजिन और युवा शिक्षाविद् दिव्या गौतम ने बिहार की राजनीति में औपचारिक एंट्री कर ली है.

social media
Kuldeep Sharma

Bihar Assembly Election 2025: पटना की दीघा विधानसभा सीट इस बार खास सुर्खियों में है. वजह है दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कजिन दिव्या गौतम, जिन्होंने इस सीट से CPI(ML)-लिबरेशन के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान किया है.

34 वर्षीय दिव्या की एंट्री ने इस सीट को न सिर्फ राजनीतिक रूप से रोमांचक बना दिया है, बल्कि सुशांत के परिवार से जुड़ी भावनाओं और सामाजिक विमर्श को भी नए सिरे से चर्चा में ला दिया है.

शिक्षा से राजनीति तक दिव्या का सफर

दिव्या गौतम का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं. पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के बाद वे पटना विमेंस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहीं. साल 2012 में उन्होंने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के टिकट पर पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन का चुनाव लड़ा, जहां वे मामूली अंतर से हारीं. इसी चुनाव ने उन्हें राजनीति की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा था, “उस चुनाव ने मुझे बदल दिया, समझ आया कि पैसा और सत्ता कैसे जनमत को प्रभावित करते हैं.”

सपनों की नौकरी छोड़ी

दिव्या ने साल 2021 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास की थी. उन्हें सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति का अवसर मिला, लेकिन उन्होंने सरकारी नौकरी ठुकरा दी. उनका कहना है कि वे सामाजिक सक्रियता और जनता के साथ काम के जरिए बदलाव लाना चाहती हैं. अब CPI(ML) के मंच से वे महिला सशक्तिकरण, शिक्षा सुधार और युवा भागीदारी जैसे मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में हैं.

सुशांत से विचार अलग

दिव्या मानती हैं कि उनके विचारधारात्मक मतभेद सुशांत से जरूर थे, लेकिन “हम दोनों एक ही सांस्कृतिक धागे से बंधे हुए थे.” वे कहती हैं कि सुशांत की तरह ही वे भी मेहनत, ईमानदारी और संवेदना में विश्वास रखती हैं. सुशांत के निधन के बाद दिव्या ने सोशल मीडिया पर न्याय की मांग में अपनी आवाज़ भी उठाई थी, और अब वही संवेदनशीलता उन्हें राजनीति में आगे बढ़ा रही है.

दीघा सीट पर रोमांचक मुकाबला

दीघा सीट 2015 से बीजेपी के कब्जे में है, जहां मौजूदा विधायक संजीव चौरसिया हैं. CPI(ML) का इस सीट से उतरना विपक्षी महागठबंधन की रणनीति को नया आयाम दे रहा है. हालांकि सीट शेयरिंग पर RJD और कांग्रेस के साथ औपचारिक समझौता अभी बाकी है, लेकिन दिव्या के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है. खुद दिव्या कहती हैं, “पार्टी ने कहा नामांकन करो, मैंने किया. सीट शेयरिंग मेरे नेताओं का विषय है.”