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सुपौल के मदरसे में समोसा-मिठाई खाने के बाद 4 छात्राएं हुई बेहोश, एक ने तोड़ा दम

सुपौल के एक निजी मदरसे में समोसा और मिठाई खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. इलाज के दौरान 10 वर्षीय अल्फिशा की मौत हो गई. पुलिस और प्रशासन जांच में जुटे हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

सुपौल: बिहार के सुपौल में एक निजी मदरसे में सोमवार को अचानक चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया. सभी छात्राओं को बेहोशी की हालत में इलाज के लिए निजी क्लीनिक ले जाया गया. उपचार के दौरान 10 वर्षीय अल्फिशा की मौत हो गई. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मदरसे पहुंची. शुरुआती जांच में मामला फूड पॉइजनिंग का बताया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.

मदरसा संचालक खलील रहमान के अनुसार, सोमवार को अल्फिशा की मां अपनी बेटी से मिलने पहुंची थीं. वह बच्ची के लिए मिठाई और समोसा लेकर आई थीं. मां के लौटने के बाद अल्फिशा समेत चार छात्राओं ने यह खाना खाया. इसके कुछ समय बाद आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा की तबीयत बिगड़ गई और सभी बेहोश हो गईं.

इलाज के दौरान 10 साल की अल्फिशा ने दम तोड़ा

चारों छात्राओं को आनन-फानन में सुपौल शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 वर्षीय बेटी अल्फिशा की मौत हो गई. घटना के बाद मदरसे में अफरा-तफरी मच गई. संस्था में करीब 60 से 65 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. प्रबंधन के मुताबिक, यह संस्था करीब दो साल से संचालित है और अल्फिशा भी डेढ़ से दो साल से यहां रह रही थी.


पुलिस ने शुरू की जांच, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मदरसे पहुंची और परिसर का निरीक्षण किया. संचालक और शिक्षकों से भी पूछताछ की गई. सदर एसडीपीओ ने प्रबंधन से घटनाक्रम की जानकारी ली. पुलिस छात्राओं के बीमार होने की वजह, खाने की गुणवत्ता और पूरे मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है. मृत छात्रा के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है.

शिक्षा विभाग ने दस्तावेजों की जांच शुरू की

सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहू के मुताबिक, सूचना मिलने पर वह एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि दो-तीन अन्य छात्राओं का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. जिला शिक्षा कार्यालय की टीम संस्था के दस्तावेजों की जांच कर रही है. अधिकारियों की टीम यह भी देख रही है कि छात्राओं को आवासीय सुविधा देने की अनुमति संस्था के पास है या नहीं और तय नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं.

डीएम के निर्देश पर गहन जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सावन कुमार ने अधिकारियों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं. जिला शिक्षा कार्यालय की टीम ने मदरसे में पहुंचकर संस्था के संचालन, सुविधाओं और छात्राओं के रहने की व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जुटाई. सदर डीएसपी के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है. हालांकि, जांच पूरी होने से पहले घटना की निश्चित वजह बताना संभव नहीं है. पुलिस और प्रशासन सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं.