आंखें नम कर देगी पति-पत्नी की अनोखी कहानी, 95 साल में पति का हुआ निधन तो शव के पास रोते-रोते पत्नी ने भी तोड़ा दम
बिहार के समस्तीपुर जिले में एक ऐसी भावुक घटना घटी है, जिसने सच्चे प्रेम और साथ निभाने की मिसाल पेश की है. उजियारपुर प्रखंड के परोरिया पंचायत के रहने वाले 95 वर्षीय बुजुर्ग किसान युगेश्वर राय का निधन हो गया. उनके जाने से पूरा परिवार और गांव शोक में डूब गया.
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक ऐसी भावुक घटना घटी है, जिसने सच्चे प्रेम और साथ निभाने की मिसाल पेश की है. उजियारपुर प्रखंड के परोरिया पंचायत के रहने वाले 95 वर्षीय बुजुर्ग किसान युगेश्वर राय का निधन हो गया. उनके जाने से पूरा परिवार और गांव शोक में डूब गया. परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियां कर ही रहे थे कि एक और दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया.
आंखें नम कर देगी पति-पत्नी की अनोखी कहानी
पति की मौत का सदमा बर्दाश्त न कर पाने वाली उनकी 90 वर्षीय पत्नी तेतरी देवी शव के पास बैठकर फूट-फूटकर रो रही थीं. वे बार-बार अपने पति का नाम लेकर पुकार रही थीं. अचानक वे बेहोश होकर गिर पड़ीं और कुछ ही पलों में उनकी सांसें थम गईं. इस तरह पति की अर्थी उठने से पहले ही पत्नी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया.
95 साल में पति का हुआ निधन तो शव के पास रोते-रोते पत्नी ने भी तोड़ा दम
इस दुर्लभ घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग घर पर पहुंचने लगे. हर कोई इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठा. ग्रामीणों ने कहा कि आज के तेज रफ्तार जमाने में जहां रिश्ते कमजोर पड़ रहे हैं, वहीं इस दंपति ने जीवन भर साथ निभाने का वादा न केवल निभाया, बल्कि मौत के बाद भी अलग नहीं हुए. यह सात फेरों के वचन को सच साबित करने वाली सच्ची प्रेम कहानी है.
परिजनों के अनुसार युगेश्वर राय और तेतरी देवी ने अपना पूरा जीवन सादगी और खुशी से बिताया. वे एक-दूसरे के बिना अधूरे थे. उनके पीछे तीन बेटे और दो विवाहित बेटियां हैं, जो अब इस दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं. दोनों की मौत के बाद गांव में एक साथ गाजे-बाजे के साथ शव यात्रा निकाली गई. दो अर्थियां एक साथ चल रही थीं, जिसने पूरे इलाके को रुला दिया. लोग इसे 'साथ जीने-साथ मरने' की अनुपम मिसाल बता रहे हैं. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच्चा प्रेम समय और उम्र की सीमाओं से परे होता है. यह कहानी दिल को छू गई और लोगों के बीच भावनाओं का सैलाब ले आई.