लालू परिवार की बड़ी परीक्षा आज, जमीन के बदले नौकरी केस में कोर्ट का फैसला क्या बदल देगा सियासी समीकरण?

बिहार चुनाव में हार के बाद लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए आज का दिन बेहद अहम साबित हो सकता है. दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल CBI कोर्ट 4 दिसंबर को लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप तय करने पर फैसला सुना सकती है.

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Reepu Kumari

बिहार चुनाव में हार के बाद लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए आज का दिन बेहद अहम साबित हो सकता है. दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट 4 दिसंबर को लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप तय करने पर फैसला सुना सकती है. इस केस में लालू यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी समेत 14 आरोपी हैं. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि रेल मंत्री रहते लालू ने पद का दुरुपयोग कर नौकरी के बदले जमीन ली.

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद आरजेडी के लिए राजनीतिक हालात पहले ही चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन आज का दिन लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए और भी मुश्किलें बढ़ा सकता है.

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज सुनाएगी फैसला 

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप तय करने को लेकर आज अपना फैसला सुनाएगी. यह फैसला परिवार की राजनीतिक छवि और भविष्य की रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है.

पिछली सुनवाई में क्या हुआ था 

इस केस की पिछली सुनवाई 10 नवंबर को हुई थी, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि सबूतों और दस्तावेजों की गहन समीक्षा जरूरी है. इसी वजह से फैसला 4 दिसंबर तक टाल दिया गया था. इससे पहले कोर्ट ने 25 अगस्त को मामले में आरोप तय करने पर अपना निर्णय सुरक्षित रखा था. आज आने वाला फैसला इस हाई-प्रोफाइल केस में अगला बड़ा कदम साबित हो सकता है, जिसे लेकर बिहार की राजनीति में भी सरगर्मी बढ़ी है.

सीबीआई के आरोप और केस की मुख्य बातें 

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने 2004 से 2009 के बीच नियमों को ताक पर रख नौकरी दी. एजेंसी का दावा है कि ग्रुप-डी की भर्तियों के बदले उम्मीदवारों की जमीनें लालू परिवार या करीबी लोगों के नाम ट्रांसफर कराई गईं.

सीबीआई के अनुसार यह पूरा मामला साजिश के तहत हुआ, जिसमें सरकारी पद का दुरुपयोग करके लाभ उठाया गया. केस में कई दस्तावेज और बयान सबूत के रूप में पेश किए गए हैं.

राबड़ी देवी ने जज पर क्या आरोप लगाए 

सुनवाई के दौरान राबड़ी देवी ने केस की अध्यक्षता कर रहे जज विशाल गोगने पर पक्षपात का आरोप लगाया था. उन्होंने कोर्ट से जज बदलने की मांग की, जिसके बाद न्यायालय ने इस पर सीबीआई से जवाब मांगा था. इस आरोप ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम परिवार की ओर से न्यायिक प्रक्रिया को लेकर असंतोष के रूप में देखा जा रहा है. कोर्ट का रुख अब इस मामले में आगे की दिशा तय करेगा.

किस-किस पर है अदालत की निगाह 

राउज एवेन्यू कोर्ट इस केस में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित कुल 14 आरोपियों पर आरोप तय कर चुकी है. कोर्ट ने माना कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते ही यह साजिश रची गई. सीबीआई ने बताया कि ग्रुप-डी नौकरी देने के बदले सस्ते दाम पर जमीन खरीदी गई और बाद में इसे राबड़ी देवी व तेजस्वी यादव के नाम पर ट्रांसफर किया गया. आज का फैसला यह तय करेगा कि मामले की सुनवाई आगे कैसे बढ़ेगी.

आज के फैसले से क्या बदल सकता है 

आज का कोर्ट का फैसला राजनीतिक और कानूनी-दोनों ही स्तरों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है. यदि आरोप तय होते हैं तो लालू परिवार के लिए आने वाले दिनों में कानूनी लड़ाई और कठिन हो सकती है. बिहार की राजनीति पहले से तनाव में है और यह फैसला सियासी माहौल को और गर्मा सकता है.

दूसरी ओर, निर्णय यदि राहत देता है तो आरजेडी के लिए यह मनोबल बढ़ाने वाला पल हो सकता है. हर नजर आज इस फैसले पर टिकी है.