प्रयागराज में अतीक अहमद के परिवार से सपा विधायक पल्लवी पटेल की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है. अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की छह अगस्त को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. इसके बाद आठ अगस्त को प्रयागराज के कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द ए खाक किया गया था. अबान की मौत के बाद पल्लवी पटेल प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचीं और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने अबान के भाई अहजम से मिलकर दुख जताया. इसके अलावा उन्होंने अतीक के भाई अशरफ के बच्चों से भी मुलाकात की.
पल्लवी पटेल ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की हैं. तस्वीरों में वह अतीक के बेटे अहजम और अशरफ के बच्चों के साथ बैठी नजर आ रही हैं. उन्होंने अबान की मौत पर परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की. मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि पल्लवी पटेल का अतीक परिवार के घर पहुंचना केवल व्यक्तिगत संवेदना है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी है.
अबान के जनाजे के दौरान अतीक परिवार के करीबी बड़ी संख्या में मौजूद रहे थे. हालांकि राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी बहुत कम रही. ऐसे में पल्लवी पटेल का खुद प्रयागराज पहुंचकर परिवार से मिलना चर्चा में आ गया. पल्लवी पटेल वर्तमान में सिराथू विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक हैं और अपना दल कमेरावादी की प्रमुख नेता हैं. उनके इस कदम को लेकर अलग अलग राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि पल्लवी पटेल की ओर से मुलाकात को लेकर साफ तौर पर यही कहा गया है कि वह अबान की मौत के बाद परिवार को सांत्वना देने पहुंची थीं.
पल्लवी पटेल के पिता और अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल के अतीक अहमद के साथ पुराने संबंध बताए जाते रहे हैं. अतीक अहमद अपना दल से भी जुड़े थे. इसी पुराने संबंध को भी पल्लवी पटेल की अतीक परिवार से मुलाकात की एक वजह के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस मुलाकात के दूसरे मायने भी निकाले जा रहे हैं.
अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की छह अगस्त 2026 को झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी. बताया गया कि वह अपने भाई अली से मिलने के लिए झांसी जा रहा था. हादसे में उसके साथी सोनू की भी मौत हुई थी. पोस्टमार्टम के बाद अबान का शव सात अगस्त को प्रयागराज के हटवा गांव लाया गया था. उसके बड़े भाई उमर और अली के जेल में होने के कारण अंतिम संस्कार को लेकर भी इंतजार करना पड़ा. इसके बाद आठ अगस्त को अबान को कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद और भाई असद की कब्र के पास दफनाया गया. दोनों बड़े भाइयों को हाई कोर्ट के निर्देश के बाद कड़ी सुरक्षा में जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया था.