Asian Games 2026 BRICS 2026

प्रशांत किशोर की बढ़ी चुनौती, बांकीपुर उपचुनाव से पहले केसी सिन्हा समेत दो बड़े नेता BJP में शामिल

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह बीजेपी में शामिल हो गए हैं.

Pinterest
Km Jaya

बांकीपुर: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह ने जन सुराज छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. चुनाव से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम को जन सुराज के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

केसी सिन्हा ने पिछले विधानसभा चुनाव में कुम्हरार सीट से जन सुराज के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान और राजनीतिक पकड़ मानी जाती है. वहीं बिट्टू सिंह भी पार्टी के सक्रिय नेताओं में शामिल रहे हैं. दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से बांकीपुर और आसपास के क्षेत्रों में जन सुराज की चुनावी रणनीति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.

BJP ने यहां से किसे बनाया उम्मीदवार?

बांकीपुर विधानसभा सीट नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है. नीरज कुमार सिन्हा भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े नेता हैं. उन्हें पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ बंटी का नाम वापस लेने के बाद टिकट दिया गया.


जन सुराज से मैदान में कौन है?

दूसरी ओर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं बांकीपुर उपचुनाव में चुनावी मैदान में हैं. ऐसे में यह मुकाबला राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गया है. चुनाव से पहले पार्टी के दो प्रमुख नेताओं के बीजेपी में शामिल होने को प्रशांत किशोर के लिए चुनावी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

क्या पड़ेगा इसका असर?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव के दौरान किसी भी दल के प्रभावशाली नेताओं का पार्टी छोड़ना कार्यकर्ताओं के मनोबल और चुनावी अभियान पर असर डाल सकता है.

कब होगा मतदान?

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा सीट समेत मध्य प्रदेश और गुजरात की कुल तीन विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को मतदान होगा. इन उपचुनावों की मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी. सभी प्रमुख दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है.