पटना: बिहार में पिछले दो दिनों में आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी. कई जिलों में अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए. इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, बेगूसराय और हाजीपुर समेत कई इलाकों में देखा गया. तेज हवाओं के कारण पेड़, बिजली के पोल और तार गिर गए, जिससे शहर से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही.
बेगूसराय के रतनपुर क्षेत्र में एक निर्माणाधीन भवन की दीवार गिरने से एक युवक की मौत हो गई. हाजीपुर में पेड़ गिरने से एक 6 साल के बच्चे की जान चली गई. वहीं मढ़ौरा क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई. औरंगाबाद जिले में वज्रपात की चपेट में आने से बारात में शामिल दूल्हे के चाचा की मौत हो गई.
मधुबनी जिले में ठनका गिरने से कई लोग घायल हो गए. वहीं एक गांव में बरगद का पेड़ घर पर गिर गया, जिससे एक महिला की दबकर मौत हो गई. दरभंगा और समस्तीपुर में भी पेड़ गिरने से लोगों की जान गई. पश्चिम चंपारण में एक युवक पेड़ के नीचे दब गया, जबकि एक अन्य युवक की ई रिक्शा पलटने से मौत हो गई.
इस आपदा के कारण सड़कों पर जगह-जगह पेड़ गिर गए, जिससे घंटों तक आवागमन बाधित रहा. कई रेलखंडों पर भी ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ. कई इलाकों में रातभर बिजली नहीं रही, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
तेज आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है. आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा गेहूं और मक्का की फसल भी प्रभावित हुई है. हालांकि बारिश से कुछ सब्जियों और अन्य फसलों को हल्का फायदा हुआ है. किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है. प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और जल्द राहत पहुंचाने का भरोसा दिया है.