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'कभी इधर-उधर नहीं जाएंगे,' नीतीश कुमार को हुआ गलती का एहसास, समझिए क्यों कहना पड़ा ऐसा

Nitish Kumar flip-flop speculations: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साल 2014 से अब तक कई बार पाला बदल चुके हैं. वे कभी आरजेडी के साथ रहे, कभी भारतीय जनता पार्टी के. उन्होंने इतनी बार पाला बदला कि अब उन्हें बार-बार ये सफाई देनी पड़ रही है कि वे बीजेपी के साथ हैं. उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद अब शुक्रवार को अपनी सफाई में कहा है कि दो बार चले गए थे गलती हुई, अब नहीं जाएंगे.

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India Daily Live

Bihar Politics: बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने एक दिन लालू यादव और तेजस्वी यादव से उनके घर जाकर मुलाकात क्या कर ली, सोशल मीडिया पर खबरें चलने लगीं कि नीतीश कुमार सबके हैं, फिर पलट जाएंगे. कई खबरें चलीं. बवाल इतना बढ़ा कि अब शुक्रवार को एक कार्यक्रम में उन्हें खुद कहना पड़ा कि दो बार राष्ट्रीय जनता दल के साथ जाकर गलती हुई थी, अब वे कभी आरजेडी के साथ नहीं जाएंगे. बीजेपी के साथ साल 1995 में से हैं, जो विकास किया है, सिर्फ इन्हीं के साथ किया है.

नीतीश कुमार ने अपनी सफाई में कहा, 'बीच में कभी दो बार इधर उधर हुआ वो गलती हुई, अब कभी इधर-उधर नहीं होगा. क्या उन्होंने कोई काम कभी किया है. जो भी काम किया है, हम लोगों ने मिलकर किया है. हमारा रिश्ता 1995 से है. बीच में दो बार इधर उधर हुआ, वो गलती हुई.'

जेपी नड्डा के सामने नीतीश ने मानी गलती

नीतीश कुमार ने ये बातें तब कहीं हैं, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार दौरे पर हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, बिहार के अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और अपने संगठन के कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं. जेपी नड्डा की मौजूदगी में ही नीतीश कुमार ने बीजेपी को ये आश्वासन दिया है.

क्यों आई आश्वासन देने की नौबत?

नीतीश कुमार जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी से अलग स्टैंड रखते हैं. राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और जनता दल यूनाइटेड (JDU) इस बात पर एकमत हैं कि बिहार में जातिगत जनगणना होनी चाहिए. दोनों नेता यह भी चाहते हैं कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले. वैसे केंद्र सरकार ने बिहार के लिए स्पेशल पैकेज का ऐलान बजट 2024-25 के दौरान ही कर दिया था. जब नीतीश कुमार ने अचानक तेजस्वी यादव से मुलाकात की तो खबरें चलने लगीं कि बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार पलटी मार सकते हैं. 

कब-कब पलटे हैं नीतीश कुमार, देख लीजिए टाइमलाइन 

- साल 2013. नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया था. नीतीश कुमार ने साल 1996 से चला आ रहा गठबंधन तोड़ दिया. 
- 2014 में नीतीश कुमार ने RJD के साथ गठबंधन कर लिया. 3 साल बाद उनका मोह भंग गया हो गया, वे 2017 में एनडीए में लौट आए.
- जेडीयू ने 2019 में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ा, गठबंधन को बहुमत मिला लेकिन फिर नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ दिया.
- 2022 में नीतीश के रिश्ते बीजेपी से खराब हुए फिर रिश्ता तोड़ दिया. इंडिया गठबंधन बना लिया, विपक्षी दलों को एक कर लिया लेकिन ठीक चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन को ही छोड़ दिया.
- 28 जनवरी 2024 को नीतीश कुमार ने फिर से बीजेपी से दोस्ती कर दी और इंडिया गठबंधन को बीच मंझधार में छोड़ दिया.