Weather

NDA की 'पंचामृत गारंटी' VS 'तेजस्वी प्रण': बिहार की जनता को NDA या महागठबंधन किसका मेनिफेस्टो लुभाएगा?

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस मेनिफेस्टो के तहत एनडीए ने राज्य के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए कई वादे किए हैं.

X (Twitter)
Shilpa Srivastava

बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस मेनिफेस्टो के तहत एनडीए ने राज्य के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए कई वादे किए हैं. रोजगार, महिलाओं को लखपति बनाना, शहर में मेट्रो चलाना, फ्री बिजली समेत पार्टी ने जनता के लिए कई बेनिफिट्स की घोषणा कर दी है.

एनडीए ने कहा है कि वह समाज के हर वर्ग का विकास करना चाहता है, जिससे कोई भी व्यक्ति पीछे न रह जाए. घोषणा पत्र में एनडीए ने सामाजिक न्याय के लिए एक बड़ी पहल का ऐलान किया है. इस पहले के तहत सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो उच्च स्तरीय होगी. इस कमिटी से यरह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी वर्गों को बराबरी का हक मिले. इसके साथ ही एनडीए ने पंचामृत गांरटी भी पेश की है, ये क्या है आइए जानते हैं.

क्या है पंचामृत गारंटी:

एनडीए ने अपना घोषणा पत्र में पंचामृत गारंटी दी है, जो गरीबों के लिए किए गए पांच बड़े वादे हैं. इसमें गरीब परिवारों को फ्री राशन, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली, 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, 50 लाख नए पक्के मकान और सभी जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने का वादा किया गया है.

एनडीए का यह घोषणा पत्र रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों की जरूरतों पर केंद्रित है. इसका सीधा मकसद बिहार के हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं देना और राज्य को आगे बढ़ाना है. इससे लोगों का जीवन आसान और सम्मानजनक बनाया जा सकेगा.

महागठबंधन ने जारी किया था अपना मेनिफेस्टो:

महागठबंधन ने भी हाल ही में अपना मेनिफेस्टो जारी कर दिया है। इसका नाम तेजस्वी प्रण रखा गया है. गठबंधन ने रोजगार, महिलाओं, किसानों और अल्पसंख्यकों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं. महागठबंधन ने घोषणा पत्र में कहा कि सभी जीविका दीदियों को स्थायी किया जाएगा और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा. इसके साथ ही सरकार बनने के 20 दिन के भीतर राज्य के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए एक अधिनियम पारित किया जाएगा. तेजस्वी प्रण की मुख्य बातें जानने के लिए क्लिक करें यहां