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3 साल की खटास कैसे हुई दूर, क्यों नीतीश के कैंडिडेट को टिकट देने पर चिराग हुए मजबूर

Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चिराग पासवान की पार्टी ने सभी 5 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में सबसे खास बात यह है कि चिराग ने समस्तीपुर लोकसभा सीट से शांभवी चौधरी को उम्मीदवार बनाया है. शांभवी को उम्मीदवार बनाकर चिराग ने बिहार की दो जाति के साथ साथ सीएम नीतीश कुमार को भी साध लिया हैं. 

India Daily Live

Lok Sabha Election: चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने सभी पांच सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने जमुई सीट से अरुण भारती, खगड़िया सीट से राजेश वर्मा, समस्तीपुर सीट से शांभवी चौधरी, वैशाली सीट से वीणा देवी को टिकट दिया है. इसके अलावा हाजीपुर लोकसभा सीट से खुद चिराग पासवान चुनाव लड़ेंगे.

इस लिस्ट में खास बात यह है कि पार्टी ने समस्तीपुर लोकसभा सीट से शांभवी चौधरी को उम्मीदवार बनाया है. बता दें, शांभवी चौधरी के पिता अशोक चौधरी जेडीयू के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास हैं.

चिराग ने शांभवी को क्यों दिया टिकट

बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट एक सुरक्षित सीट हैं. वर्तमान में प्रिंस राज इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जिनका इस बार टिकट कटना तय था. इस सीट से पार्टी के प्रधान महासचिव संजय पासवान को उम्मीदवार बनाने की बात चल रही थी. इस सब के बीच चिराग पासवान की कोशिश थी कि वह अब अपनी पहचान को बदलें, वह सिर्फ पासवानों के नहीं बल्कि एक बड़े दलित नेता के रूप में अपनी पहचान को स्थापित करना चाहते हैं. 

नीतीश का हुआ चिराग का समझौता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच लंबे समय से टेंशन चली आ रही थी. चिराग पासवान पिछले तीन सालों से नीतीश कुमार को आड़े हाथ लेते हुए नजर आते थे लेकिन अब नीतीश कुमार के करीबी की बेटी शांभवी चौधरी को टिकट मिलने के बाद यह साफ हो गई है कि नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच समझौता हो गया है.  

दो जाति और सीएम को साध लिए चिराग

शंभावी चौधरी को उम्मीदवार बनाकर चिराग पासवान ने एक साथ बिहार की दो जाति को साधने के साथ-साथ नीतीश कुमार को भी साध लिए हैं. दरअसल, शांभवी चौधरी खुद पासी जाति से आती हैं लेकिन उनके पति सायण कुणाल जाति से भूमिहार हैं. ऐसे में इनको टिकट देकर चिराग पासवान ने बिहार में दो जाति को साथ लिया है.

बता दें, चिराग पासवान पर भूमिहार विरोधी होने का आरोप लग रहा था. हाल में ही भूमिहार जाति से आने वाले जहानाबाद के पूर्व सांसद अरुण कुमार ने उनपर धोखा देने का आरोप लगाया था. इसके अलावा शांभवी के पिता अशोक चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि चिराग ने अपने इस कदम से सीएम नीतीश को भी साध लिया है.

कौन हैं शांभवी चौधरी

शांभवी चौधरी का नाम समस्तीपुर सीट के लिए चर्चे में था. वह पूर्व आईपीएस और महावीर मंदिर न्यास के सचिव किशोर कुणाल की बहू हैं और नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी की बेटी हैं. शांभवी ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीजी और लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. मौजूदा समय में वह अपने पति सायण कुणाल के बिजनेस में सपोर्ट करती हैं.