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Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में 47% का फॉर्मूला, जानें क्यों इस बार BJP और JD(U) महिलाओं पर लगा रहे बड़ा दांव

Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में बीजेपी और जेडीयू ने महिलाओं पर बड़ा दांव लगाया है. राज्य में 47 प्रतिशत महिला वोटर हैं, इसलिए दोनों दलों ने अपने प्रत्याशियों में 13-13 महिलाओं को शामिल किया है. नीतीश सरकार और आरजेडी दोनों पार्टीयों ने योजनाओं से महिलाओं को लुभाने का प्रयास किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में 47% का फॉर्मूला, जानें क्यों इस बार BJP और JD(U) महिलाओं पर लगा रहे बड़ा दांव
Courtesy: Pinterest

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और जेडीयू ने अपनी रणनीति साफ कर दी है. दोनों दलों ने इस बार महिला वोटरों को साधने पर खास जोर दिया है. बिहार में कुल 7.43 करोड़ वोटर हैं, जिनमें से 3.5 करोड़ महिलाएं हैं. यानी राज्य के कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 47 प्रतिशत है. ऐसे में दोनों पार्टियां महिला वोट बैंक को निर्णायक मान रही हैं.

बीजेपी और जेडीयू दोनों ने 101-101 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिनमें से 13-13 उम्मीदवार महिलाएं हैं. बीजेपी की सूची में सात मौजूदा विधायक हैं, जबकि जेडीयू में छह मौजूदा महिला विधायक शामिल हैं. यह साफ है कि एनडीए महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार योजनाओं और सशक्तिकरण के मुद्दों को आगे रख रहा है.

महिला वोटों पर खास ध्यान देने की वजह

2020 के बिहार चुनाव में महिलाओं की वोटिंग प्रतिशत 60 थी, जबकि पुरुषों का 54 प्रतिशत. वहीं कुल मतदान 62.57 प्रतिशत हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 119 सीटों पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है. यही कारण है कि एनडीए इन सीटों को जीतने के लिए महिला वोटों पर खास ध्यान दे रहा है.

महिला-केंद्रित योजनाओं की शुरूआत

नीतीश कुमार की सरकार ने हाल के महीनों में कई महिला-केंद्रित योजनाएं शुरू की हैं. इनमें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना प्रमुख है, जिसके तहत 75 लाख महिलाओं को ₹10,000 की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से किया और महिलाओं से अपील की कि वे आरजेडी को सत्ता में वापस न आने दें.

DBT योजनाओं से चुनाव में लाभ

मोदी ने कहा कि आरजेडी शासनकाल में महिलाओं को असुरक्षा झेलनी पड़ी थी, लेकिन अब नीतीश कुमार के शासन में कानून-व्यवस्था कायम है और महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं. इन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT योजनाओं ने पहले भी कई राज्यों में सत्ताधारी दलों को चुनावी लाभ दिलाया है. 

आरजेडी भी किया योजना का ऐलान

वहीं विपक्षी दल आरजेडी भी पीछे नहीं है. तेजस्वी यादव ने 'माई-बहन सम्मान योजना' का ऐलान किया है, जिसके तहत सरकार बनने के एक महीने के भीतर महिलाओं को ₹2,500 मासिक भत्ता देने का वादा किया गया है. पार्टी ने इसके लिए फॉर्म बांटना भी शुरू कर दिया है. बिहार की राजनीति में अब महिलाएं सिर्फ मतदाता नहीं, बल्कि सत्ता का फैसला तय करने वाली सबसे बड़ी ताकत बन चुकी हैं.