'बिहार में 200 मंदिर बनाओ लेकिन...', एनडीए सरकार पर खेसारी लाल यादव ने बोला हमला

बिहार विधानसभा चुनाव में महज अब कुछ दिनों का समय बचा है. चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले आरजेडी के फायर ब्रांड नेता खेसारी लाल यादव ने एनडीए पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने जंगलराज और मंगलराज में अंतर पूछा है.

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Shanu Sharma

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है. आज शाम से चुनाव प्रचार थम जाएगा. हालांकि इससे पहले आरजेडी के फायर ब्रांड नेता खेसारी लाल यादव ने अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए, एनडीए पर हमला बोला है. 

खेसारी लाल यादव ने राम मंदिर पर दिए बयान का अपना मतलब बताते हुए कहा कि मेरे कहने का मतलब था कि राम मंदिर तो बनना जरूरी है लेकिन इसके साथ अस्पताल भी बनना जरूरी क्यों नहीं है? उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या शिक्षा और नौकरियां जरूरी नहीं है?

खेसारी लाल यादव ने क्या कहा?

छपरा विधानसभा सीट से राजद की ओर से मैदान में उतरे धाकड़ नेता ने एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि आप राम मंदिर पर वोट मांगते हैं तो क्या रोजगार के लिए हमें ट्रंप को वोट देना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुनिया के हर कोने में आप मंदिर बनाएं लेकिन केवल मंदिर से क्या भारत के बच्चों का भविष्य संभल जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर केवल मंदिर से ही बच्चों का भविष्य बनेगा तो बिहार में 200 मंदिर बना दो. इससे मुझे कोई दुख और तकलीफ नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भगवान दिल और श्रद्धा में होते हैं. मंदिर में केवल भगवान की मूर्ति होती है.  

छपरा की जनता से अपील

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ के बयानों का भी खेसारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि दिनेश भईया कहते हैं कि मैं यादव कुल का ही नहीं हूं. तो मैं उनसे पूछता हूं कि क्या आपको 10 साल पहले ही सनातन का याद आया. इससे पहले आप सिनेमा लाइन में आप मुसलमानों का कैरेक्टर बखूबी निभा रहे थे. वह सब भी आपको नहीं करनी चाहिए थी. विकास के नाम पर ये केवल मंदिर और मस्जिद की बात करते हैं और सबको उलझाते हैं. वहीं उन्होंने पवन सिंह के आरोपों को भी इगनोर करने को कहा है. उन्होंने लोगों से केवल सरकार और उनके द्वारा किए गए काम पर चर्चा करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मैं किसी से नहीं डरता हूं.

जंगलराज और मंगलराज में क्या कुछ बदला?

खेसारी लाल यादव ने कहा कि जिस जंगल राज की ये बात करते हैं, वह भी 20 साल पहले बीत चुका है, लेकिन 20 साल पहले जन्म लेने वाले बच्चों के दिमाग भी इन्होंने जंगलराज डाल दिया. इतना ही नहीं बाहर के व्यापारियों के मन में भी इस तरह से जंगलराज की बात कही गई है कि यहां कोई आना नहीं चाहता है. उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी तो जंगलराज नहीं है तो फिर आप क्यों नहीं व्यापारियों को बुला लेते हैं. यह केवल एक फंडा है, जिसपर ये चुनाव लड़ते हैं. आप ही बताएं कि आप जिसे मंगलराज कहते हैं उसमें क्या बदला है?