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Lok Sabha Elections: बहुसंख्यक नहीं फिर भी 22 सीटों पर राज करते हैं इन 5 जाति के लोग, आंकड़े देख रह जाएंगे हैरान

Bihar Politics: बिहार में कई ऐसी सीटें हैं जिन पर एक खास जाति का लंबे समय से कब्जा रहा है. प्रदेश की 40 में से 22 लोकसभा सीटों पर भूमिहार, राजपूत, यादव, कुर्मी और पासवान जाति का कब्जा रहा है. आइए इन सीटों के बारे में जानते हैं.

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Purushottam Kumar

Bihar Politics: बिहार की 40 में से 22 लोकसभा सीट पर 5 जाति के लोगों का लंबे समय से दबदबा कायम हैं. इस सभी लोकसभा सीट पर पिछले लंबे समय से एक जाती के लोग ही चुनाव जीतते रहे हैं. पार्टी चाहे कोई भी हो लेकिन जीत एक खास जाती के उम्मीदवार की ही होती है.

बिहार की मधेपुरा, औरंगाबाद समेत कई लोकसभा सीटें ऐसी हैं जिस पर पिछले कई दशकों से एक ही जाति का कब्जा रहा है. इन सीटों पर जीत भले ही अलग अलग पार्टियों की होती रहा है लेकिन जीतने वाले उम्मीदवार एक ही जाती के राहे हैं. खास बात यह है कि इस सीटों पर जीतने वाले उम्मीदवारों की जाती की आबादी बिहार में 20 फीसदी से भी कम रही है. 

इन 5 जातियों का रहा है दबदबा

बिहार की 22 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करने वालों में 5 जातियों का दबदबा देखने को मिला है. इस पांच जातियों में भूमिहार, राजपूत, यादव, कुर्मी और पासवान शामिल हैं. बिहार में इन जातियों की आबादी की अगर हम बात करें तो यहां भूमिहार की आबादी करीब 2.5 फीसदी, राजपूत की आबादी करीब 3 फीसदी, यादव की आबादी करीब 14 फीसदी, कुर्मी की आबादी करीब 7 फीसदी और पासवान की आबादी करीब 5 फीसदी है.

भूमिहार
बिहार के कई जिलों में भूमिहारों का वर्चस्व हैं. बिहार में महज 2.5 फीसदी आबादी होने के बाद भी 2019 के लोकसभा चुनाव में इस जाति से 3 सांसद चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बेगूसराय से गिरिराज सिंह, मुंगेर से राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और नवादा से चंदन सिंह ने जीत दर्ज की थी. 

राजपूत
बिहार में राजपूत जाति की अगर हम बात करें तो इसकी आबादी करीब 3 फीसदी है. लोकसभा चुनाव 2019 में इस जाति से 7 सांसद लोकसभा पहुंचे थे. राजपूत जाति से लोकसभा पहुंचने वाले में राधामोहन सिंह, सुशील सिंह, वीणा सिंह, आरके सिंह, कविता सिंह, जनार्दन सिंह और राजीव प्रताप रूडी का नाम शामिल है.

यादव
बिहार में यादवों की आबादी 14 फीसदी है. लोकसभा चुनाव 2019 में 5 यादव चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. जिनमें राम कृपाल यादव, अशोक यादव, नित्यानंद राय, गिरधारी यादव और दिनेश यादव का नाम शामिल है.

कुर्मी
इस जाति की  आबादी बाहिर में 7 प्रतिशत के आसपास है, 2019 में इस जाति से आने वाले 4 लोग लोकसभा पहुंचे थे. इनमें कौशलेंद्र कुमार, संतोष कुशवाहा, महाबली कुशवाहा और बैद्यनाथ कुशवाहा का नाम शामिल है.

पासवान
बिहार में पासवान को दुसाध के नाम से भी जाना जाता है बिहार में  इनकी आबादी 5 प्रतिशत बताई जाती है. लोकसभा चुनाव 2019 में इस जाति से आने वाले 4 नेता लोकसभा पहुंचे थे. इनमें चिराग पासवान, पशुपति पारस, रामचंद्र पासवान और छेदी पासवान का नाम शामिल है.

आइए बिहार की उन सभी 22 लोकसभा सीटों के बारे में जानते हैं जिन पर एक खास समुदाय का एक तरह से कब्जा रहा है.

  1. पूर्वी चंपारण: इस सीट पर राजपूत जाति का कब्जा है. साल 2009 से इस सीट पर राजपूत समाज से आने वाले राधामोहन सिंह सांसद हैं.
  2. वैशाली सीट: इस सीट पर राजपूत समाज का कब्जा रहा है. साल 1991 से यहां से राजपूत समाज के लोग ही सांसद बने हैं. 
  3. औरंगाबाद: बिहार की इस सीट पर भी राजपूत समाज का दबदबा है. इस सीट पर अब तक 17 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं और 16 बार राजपूत जाति से आने वाला व्यक्ति ही सांसद बना है.
  4. आरा: इस सीट पर भी राजपूत समाज का कब्जा है. वर्तमान में इस सीट से आरके सिंह सांसद हैं. 
  5. सारण: इस सीट से अभी राजीव प्रताप रूडी सांसद हैं जो राजपूत समाज से आते हैं.  साल 2009 में  इसी सीट से लालू यादव भी चुनाव जीते थे. इस सीट पर राजपूत और यादव समाज का कब्जा रहा है.
  6. सीवान: इस सीट पर यादव और राजपूत समाज के लोगों का कब्जा रहा है. वर्तमान में इस सीट से कविता सिंह सांसद हैं जो राजपूत जाति से आती हैं.
  7. नालंदा: इस सीट पर कुर्मी समाज का लंबे समय में कब्जा है. वर्तमान में यहां से कौशलेंद्र कुमार सांसद हैं. 2004 में नीतीश कुमार ने भी इस सीट से जीत दर्ज की थी.
  8. काराकाट: इस सीट पर कोइरी समाज का कब्जा है. वर्तमान में यहां से महाबली कुशवाहा सांसद हैं.
  9. मधेपुरा: इस सीट पर यादव सजा का कब्जा है. वर्तमान में यहां से दिनेश चंद्र यादव सांसद हैं. मधेपुरा में पप्पू यादव की भी अच्छी पकड़ है. यहां से शरद यादव और लालू यादव भी सांसद रह चुके हैं.
  10. पाटलिपुत्र:  इस सीट पर यादव बिरादरी की पकड़ है. वर्तमान में इस सीट से रामकृपाल यादव सांसद हैं.
  11. हाजीपुर: इस सीट पर पासवान समाज की ठीक ठाक पकड़ हैं. इस सीट को राम विलास पासवान की सेफ कही जाती थी. वर्तमान में इस सीट से राम विलास पासवान के भाई पशुपति पारस सांसद हैं.
  12. उजियारपुर: इस सीट पर लंबे समय से यादव समाज का कब्जा रहा है. वर्तमान में यहां से नित्यानंद राय सांसद हैं.
  13. मधुबनी: इस सीट पर मुसलमानों  और यादवों का कब्जा रहा है. वर्तमान में यहां से अशोक यादव सांसद हैं.
  14. अररिया: पिछले 15 साल से इस सीट पर मुसलमानों और राजपूतों का कब्जा रहा है. इस सीट से अभी प्रदीप सिंह सांसद हैं जो राजपूत समाज से आते हैं.
  15. पूर्णिया: इस सीट पर दो दशक से कुशवाहा समाज का कब्जा है. वर्तमान में इस सीट से संतोष कुशवाहा सांसद हैं.
  16. समस्तीपुर: इस  सीट को पासवानों का गढ़ माना जाता है. यहां प्रिंस पासवान सांसद हैं. इससे पहले उनके पिता इस सीट से सांसद रहे थे. 
  17. वाल्मीकिनगर: इस सीट पर ब्राह्मण और कुशवाहा बिरादरी का कब्जा रहा है. यहां से अभी सुनील कुशवाहा सांसद हैं.
  18. नवादा: इस सीट पर भूमिहारों का कब्जा रहा है. वर्तमान में यहां से चंदन सिंह सांसद हैं.
  19. मुंगेर: इस सीट से वर्तमान में भूमिहार समाज के ललन सिंह का कब्जा है. इस सीट पर लंबे समय से भूमिहारों का कब्जा रहा है.
  20. बेगूसराय: इस सीट पर भूमिहारों का कब्जा रहा है. वर्तमान में यहां से बीजेपी के गिरिराज सिंह सांसद हैं.
  21. बांका: इस सीट पर यादव और राजपूत समाज का कब्जा रहा है. वर्तमान में यहां से गिरधारी यादव सांसद हैं जो यादव समुदाय से आते हैं.
  22. महाराजगंज: इस सीट पर राजपूत समाज का कब्जा है. वर्तमान में यहां से जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सांसद हैं.