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India Daily

बिहार चुनाव से पहले 108 करोड़ रुपये नकद बरामद, शराब के खेफ भी जब्त

बिहार चुनाव और उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग के उड़न दस्तों ने 108 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, ड्रग्स और मुफ्त सामान जब्त किया.

Gyanendra Sharma
बिहार चुनाव से पहले 108 करोड़ रुपये नकद बरामद, शराब के खेफ भी जब्त
Courtesy: Photo-X

पटना: बिहार में 6 नवंबर को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान हो रहा है और सात राज्यों में उपचुनाव हो रहे हैं. इस बीच, भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को घोषणा की कि उसने चुनाव के दौरान 108 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य प्रलोभन जब्त किए हैं.

ईसीआई के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, देश भर में प्रवर्तन टीमों ने महत्वपूर्ण वसूली की है. आयोग ने कहा, "3 नवंबर तक, विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में बहु-प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से 9.62 करोड़ रुपये नकद, 42.14 करोड़ रुपये (9.6 लाख लीटर) की शराब, 24.61 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 5.8 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 26 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अन्य मुफ्त उपहार सहित 108.19 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध प्रलोभन जब्त किए गए हैं."

यह कार्रवाई किस प्रकार की जा रही है?

अकेले बिहार में 824 उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सी-विजिल पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक शिकायत पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई की जाए.आयोग ने कहा कि सभी सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कड़ी निगरानी जारी रहेगी, जहां 11 नवंबर को आठ विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं.

ईसीआई ने कहा, "आयोग ने सभी प्रवर्तन अधिकारियों को चुनाव के दौरान नकदी, ड्रग्स, शराब और अन्य प्रलोभनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने और उनका मुकाबला करने का निर्देश दिया है." हालांकि, इसमें इस बात पर भी जोर दिया गया कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निरीक्षण और वाहन जांच के दौरान आम नागरिकों को परेशान न किया जाए.

भारत निर्वाचन आयोग ने नागरिकों और राजनीतिक दलों से आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के किसी भी उल्लंघन की रिपोर्ट ECINET प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध C-VIGIL मोबाइल ऐप के माध्यम से करने का आग्रह किया है. इसके अतिरिक्त, एक 24x7 शिकायत निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें एक कॉल सेंटर नंबर - 1950 भी शामिल है. इससे आम जनता या राजनीतिक दलों के सदस्य सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) या संबंधित रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

इस चुनाव में क्या अलग है?

2025 का बिहार विधानसभा चुनाव मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद पहला बड़ा राज्य चुनाव होगा, जिसके परिणामस्वरूप 7.43 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं की अंतिम सूची तैयार होगी, जिसमें 14 लाख पहली बार मतदाता होंगे.