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Bihar Election 2025: नामांकन के तुरंत बाद RJD के इस नेता को किया अरेस्ट, समर्थकों में फैला आक्रोश

Sasaram Candidate Arrested: बिहार के सासाराम में आरजेडी उम्मीदवार सत्येंद्र साह को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.यह गिरफ्तारी झारखंड के गढ़वा में 2004 की डकैती मामले में जारी पुराने वारंट के तहत हुई. घटना के बाद सासाराम की राजनीति में हलचल मच गई है.

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Edited By: Princy Sharma
Bihar Election 2025: नामांकन के तुरंत बाद RJD के इस नेता को किया अरेस्ट, समर्थकों में फैला आक्रोश
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Bihar Election 2025: बिहार के सासाराम में चल रहे एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार सत्येंद्र साह को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया. सत्येंद्र साह सासाराम अनुमंडल कार्यालय में अपना नामांकन पत्र जमा करने आए थे, तभी पुलिस ने झारखंड के गढ़वा थाना क्षेत्र में 2004 में हुई एक डकैती के मामले में लंबे समय से लंबित गिरफ्तारी वारंट के आधार पर उन्हें हिरासत में ले लिया.

इस अचानक गिरफ्तारी से स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य में खलबली मच गई है और RJD समर्थकों में आक्रोश फैल गया है, जो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं. करगहर थाना क्षेत्र के निवासी सत्येंद्र साह के खिलाफ कथित तौर पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. गिरफ्तारी के बाद, उन्हें झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया, जो जल्द ही उन्हें गढ़वा अदालत में पेश करेगी.

कैसा है सत्येंद्र साह का राजनीतिक सफर

सत्येंद्र साह का राजनीतिक सफर काफी घटनापूर्ण रहा है. उन्होंने 2010 का चुनाव कांग्रेस (जे) के टिकट पर लड़ा था और इससे पहले सासाराम नगर निगम चुनाव में अपनी पत्नी को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया था. इस चुनावी मौसम में एक आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए, RJD ने सासाराम से मौजूदा विधायक राजेश गुप्ता की जगह सत्येंद्र साह को अपना उम्मीदवार बनाया, जिससे पार्टी के भीतर चिंताएं और उम्मीदें बढ़ गई हैं.

नामांकन केंद्र पर अफरा-तफरी

यह गिरफ्तारी भारी पुलिस सुरक्षा के बीच हुई, जिससे नामांकन केंद्र पर अफरा-तफरी मच गई. RJD समर्थकों का दावा है कि यह पार्टी की चुनावी योजनाओं में खलल डालने के उद्देश्य से एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी पूरी तरह से अदालती आदेश के अनुसार की गई थी और इसका चुनाव प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है.

यह गिरफ्तारी ऐसे महत्वपूर्ण समय में हुई है जब बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण चल रहा है. RJD के सामने अब सासाराम में अपनी पकड़ बनाए रखने की कड़ी चुनौती है. पार्टी को जल्दी से फैसला करना होगा कि क्या वह कानूनी पचड़ों के बावजूद सत्येंद्र साह का समर्थन करे या कोई वैकल्पिक उम्मीदवार ढूंढे. इस घटना ने निश्चित रूप से राजद की चुनावी रणनीति में खलल डाल दिया है और इस क्षेत्र में पार्टी के प्रदर्शन पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकते हैं.