बिहार चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले इन जगहों पर सुरक्षा बलों की भारी टुकड़ी तैनात, नेपाल बॉर्डर सील
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर होगी. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, नेपाल बॉर्डर और सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं.
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग मंगलवार को होने जा रही है, जिसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होने वाला है. सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि मतदान शांतिपूर्ण माहौल में पूरा हो सके.
राज्य के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बताया कि दूसरे चरण की वोटिंग के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत की गई है. उन्होंने कहा कि पहले चरण की तुलना में इस बार तैनाती का स्तर और निगरानी की परतें दोनों बढ़ाई गई हैं. 11 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पूरी कर दी गई है.
किन जिलों में की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था?
नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है. इनमें सीतामढ़ी, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, अररिया, सुपौल, किशनगंज और पूर्वी चंपारण जैसे जिले शामिल हैं. इसके अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से सटे सीमावर्ती जिलों में भी अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है. संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी और ड्रोन की मदद से निगरानी की जा रही है.
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर क्या है स्थिति?
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा को शनिवार से पूरी तरह सील कर दिया गया है. वहीं, अंतरराज्यीय सीमाओं को रविवार शाम तक बंद रखा गया ताकि किसी भी बाहरी तत्व की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके. पूरे राज्य में करीब 1,650 कंपनियां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनात की गई हैं. इसके अलावा बिहार पुलिस की अतिरिक्त बटालियनें भी हर जिले में तैनात हैं ताकि बूथ स्तर तक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
कब घोषित होंगे परिणाम?
दूसरे चरण की वोटिंग से पहले रविवार शाम चुनाव प्रचार थम गया. अब पूरा ध्यान शांतिपूर्ण मतदान और मतदाताओं की सुरक्षा पर केंद्रित है. इस चरण के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. यह चरण खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि इससे यह तय होगा कि बिहार में एनडीए की 'डबल इंजन सरकार' बरकरार रहती है या तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन वापसी करता है. वहीं, जन सुराज पार्टी भी इस बार कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही है.