पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने नया इतिहास रच दिया है और इसके साथ ही 2010 का करिश्मा भी दुहरा लिया है. तब भी बीजेपी और जेडीयू की जोड़ी ने कमल किया था और अब एक बार फिर बीजेपी-जेडीयू की जोड़ी ने नया कीर्तिमान रच दिया है. बिहार में NDA की जीत इसीलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि लगातार सत्ता में रहने के बावजूद NDA के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर देखने को नहीं मिली.
पहले ताबड़तोड़ वोटिंग और अब नतीजों में NDA की प्रचंड जीत के बीच कुछ सीटें ऐसी है, जहां उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और इन सीटों पर जीत का अंतर 100 मतों से भी कम रहा.
भोजपुर के सन्देश विधानसभा सीट पर जदयू प्रत्याशी राधाचरण साह और राजद के दीपू सिंह के बीच टफ फाइट देखने को मिला. अंतिम के चार-पांच चरणों में जदयू प्रत्याशी ने वापसी करते हुए जीत हासिल की लेकिन जीत का अंतर महज 27 मतों का रहा.
इसी तरह अगिआँव सीट पर बीजेपी और वामदल के उम्मीदवार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, लेकिन अंततः बीजेपी प्रत्याशी महेश पासवान ने जीत दर्ज की और वामदल उम्मीदवार शिव प्रकाश रंजन को हार मिली. जीत का अंतर महज 95 वोटों का रहा.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू होने के साथ ही एनडीए ने जो बढ़त बनाई, वह वक्त बीतने के साथ लगातार बढ़ती ही चली गई. शाम तक एनडीए 208 सीटों पर जीत की तरफ बढ़ रहा था. इसमें बीजेपी 96 सीट, नीतीश कुमार की जेडीयू 84, चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) 19 सीटें, जीतनराम मांझी की HAM 5 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के खाते में 4 सीटें जाती दिख रही थी.
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए स्पष्ट बढ़त की ओर बढ़ता दिख रहा है. गठबंधन की इस बढ़त के पीछे महिलाओं (M) और युवाओं (Y) का मजबूत समर्थन एक महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक ‘NDA का नया M-Y समीकरण’ कह रहे हैं.