Budget 2026

विधानसभा चुनाव से पहले बिहार CM नीतीश कुमार ने कर दीं छात्रों की मौज, सीधे खाते में डाले 2,920 करोड़ रुपए

पटना में आयोजित एक विशेष समारोह में, उन्होंने डीबीटी के माध्यम से 2,920 करोड़ रुपये की राशि 49 लाख से अधिक छात्रों के खातों में हस्तांतरित की. इसके साथ ही, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी 959 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया.

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Sagar Bhardwaj

Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 49 लाख से अधिक छात्रों के बैंक खातों में 2,920 करोड़ रुपये डीबीटी (DBT) के जरिए ट्रांसफर किए. इसके साथ ही, उन्होंने 959 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. यह राशि मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना, साइकिल योजना, पोशाक योजना, छात्रवृत्ति और कन्या उत्थान योजना जैसी योजनाओं के तहत दी गई, जिससे छात्रों को सीधा लाभ मिला.

बिहार में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लाखों छात्रों के लिए वित्तीय सहायता का रास्ता खोला. पटना में आयोजित एक विशेष समारोह में, उन्होंने डीबीटी के माध्यम से 2,920 करोड़ रुपये की राशि 49 लाख से अधिक छात्रों के खातों में हस्तांतरित की. इसके साथ ही, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी 959 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया. यह पहल बिहार के शिक्षा क्षेत्र में बदलाव की नई उम्मीद जगाती है.

शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता

नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग की योजनाओं के तहत यह राशि हस्तांतरित की. मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना, साइकिल योजना, बालक-बालिका पोशाक योजना और कन्या उत्थान योजना जैसी योजनाओं के जरिए छात्रों को लाभ पहुंचाया गया. यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में गई, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई. इस कदम से लाखों परिवारों को आर्थिक सहायता मिली.

बुनियादी ढांचे को बढ़ावा

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने 959 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इनमें स्कूलों के लिए नई इमारतें, कक्षाएं और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. यह कदम बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा.

डीबीटी की पारदर्शिता

डीबीटी प्रणाली ने इस हस्तांतरण को और प्रभावी बनाया. यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे, बिना किसी बिचौलिये के. इस प्रक्रिया ने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को कम करने में मदद की है. 49 लाख से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिला, जो बिहार सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

शिक्षा में नया अध्याय

यह पहल बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ती है. नीतीश कुमार का यह कदम न केवल छात्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि शिक्षा के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी. भविष्य में ऐसी पहलों से शिक्षा का स्तर और ऊंचा होगा.