Bihar Assembly Elections 2025: बिहार की राजनीति के विवादित और चर्चित नेता तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से छह साल के लिए निष्कासन के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाकर महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. उन्होंने हाल ही में अपना नामांकन दाखिल किया, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति और आपराधिक मामलों का भी पूरा खुलासा किया है.
तेज प्रताप के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें लगभग 91 लाख रुपये की चल संपत्ति (movable property) और करीब 1.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है. हालांकि, पांच साल पहले की तुलना में उनकी चल संपत्ति में कमी आई है, जबकि अचल संपत्ति में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है.
साथ ही तेज प्रताप पर कुल 8 आपराधिक मामले भी लंबित हैं, जिनमें IPC की विभिन्न गंभीर धाराएं और दहेज उत्पीड़न, एससी/एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं. हालांकि, इन मामलों में अब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है. दिलचस्प बात यह है कि उनके हलफनामे में उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय का कोई विवरण नहीं है, क्योंकि उनका तलाक अभी पटना की पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है.
तेज प्रताप को मई 2025 में उनके पिता और RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जिसके पीछे 'गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार' का कारण बताया गया. इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई और अब उसी पार्टी के बैनर तले चुनावी मैदान में हैं. नामांकन के वक्त उन्होंने अपनी दिवंगत दादी की तस्वीर साथ रखकर भावनात्मक संदेश भी दिया.
तेज प्रताप की राजनीतिक यात्रा विवादों से भरी रही है. उनकी विवादित बयानबाजी, निजी जिंदगी से जुड़े मामले और पार्टी के साथ मतभेद लगातार उन्हें चर्चा में बनाए रखते हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ संबंधों को लेकर विवाद छिड़ा था, जिसके कारण उन्हें पार्टी से बाहर किया गया. तेज प्रताप ने बाद में दावा किया कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक हो गया था.
2020 में तेज प्रताप महुआ विधानसभा सीट से RJD के विधायक चुने गए थे. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महुआ सीट पर उनकी नई पार्टी और नई पारी दोनों की परीक्षा होगी. इस बार चुनाव दो चरणों में होंगे पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा 11 नवंबर को. मतगणना 14 नवंबर को होगी, तब पता चलेगा कि तेज प्रताप की नई राजनीति कितनी सफल होती है.
बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव की वापसी निश्चित रूप से चुनावी रंग में एक नया मोड़ लेकर आई है, जिससे चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है.