menu-icon
India Daily

राघोपुर में ढह जाएगा तेजस्वी का किला या महुआ में तेज प्रताप बनाएंगे नई ईट का घर? ये 5 सीटें तय करेंगी लालू परिवार का भविष्य

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का ऐलान हो चुका है. राज्य में इस बार दो चरणों में मतदान होगा. पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को. इस चुनाव में राजद-कांग्रेस महागठबंधन और भाजपा-जद(यू) एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. तेजस्वी यादव के राघोपुर से लेकर शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब तक कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार मैदान में हैं.

babli
Edited By: Babli Rautela
राघोपुर में ढह जाएगा तेजस्वी का किला या महुआ में तेज प्रताप बनाएंगे नई ईट का घर? ये 5 सीटें तय करेंगी लालू परिवार का भविष्य
Courtesy: Social Media

Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. 2025 विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और राज्य की 243 सीटों पर सत्ता की जंग दो चरणों में लड़ी जाएगी. पहला चरण 6 नवंबर को होगा जिसमें 121 सीटों पर चुनाव होंगे वही दूसरा चरण 11 नवंबर को होगें जिसमें 122 सीटें पर चुनाव होंगे.

मुख्य मुकाबला इस बार भी राजद-कांग्रेस के महागठबंधन और भाजपा-जद(यू) के एनडीए के बीच है. आइए नजर डालते हैं इस चुनाव की 5 सबसे चर्चित सीटों पर जहां दिग्गजों की साख दांव पर लगी है.

1. राघोपुर (वैशाली जिला): तेजस्वी यादव का किला फिर चुनौती में

राघोपुर सीट लालू यादव परिवार का गढ़ रही है.

  •  लालू यादव ने यहां से 1995 और 2000 में जीत दर्ज की थी.
  •  राबड़ी देवी तीन बार विजयी रहीं.
  •  तेजस्वी यादव 2015 से लगातार इस सीट से विधायक हैं.

इस बार भाजपा ने फिर से सतीश कुमार यादव को उतारा है, जिन्होंने 2010 में राबड़ी देवी को 13,000 से ज्यादा वोटों से हराया था.
वहीं, जन सुराज पार्टी (JSP) ने चंचल सिंह को मैदान में उतारकर इस सीट को त्रिकोणीय बना दिया है.

2. महुआ (वैशाली जिला): तेज प्रताप यादव की वापसी या नई चुनौती?

तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव राजद से निष्कासित होने के बाद अब स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में वापसी कर रहे हैं.
इस सीट पर यादव, मुस्लिम और अनुसूचित जाति मतदाताओं का मजबूत प्रभाव है.
यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प है:

  •  तेज प्रताप यादव (निर्दलीय)
  •  मुकेश कुमार रौशन (राजद)
  •  संजय सिंह (लोजपा-रामविलास, एनडीए)

महुआ में 'भाई बनाम पार्टी' का संघर्ष देखने लायक होगा.

3. शिवहर: आनंद मोहन के बेटे की जगह नई एंट्री

पिछले चुनाव में यहां से चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे) विजयी हुए थे, लेकिन अब वे एनडीए में शामिल होकर नबीनगर से लड़ रहे हैं.
इस बार मुकाबला है:

  •  नवनीत झा (राजद) — पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा के पोते
  •  श्वेता गुप्ता (जदयू, एनडीए)
  •  नीरज सिंह (जन सुराज)

राजद का यहां ऐतिहासिक दबदबा रहा है, और यह सीट फिर से सुर्खियों में है.

4. रघुनाथपुर (सीवान जिला): शहाबुद्दीन के बेटे का चुनावी डेब्यू

सीवान की इस सीट से दिवंगत नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब पहली बार मैदान में उतर रहे हैं.
उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं विकास कुमार सिंह (जीशु सिंह) — जदयू उम्मीदवार.
दिलचस्प बात यह है कि राजद की सहयोगी भाकपा (माले), जो कभी शहाबुद्दीन के खिलाफ मुखर थी, अब उनके परिवार के साथ 'कोई विवाद नहीं' मानती.

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह मुकाबला बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल लड़ाइयों में से एक होगा.

5. इंडिया ब्लॉक में ‘दोस्ताना मुकाबला’

महागठबंधन के अंदर भी कई सीटों पर “फ्रेंडली फाइट” देखने को मिलेगी.
राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले) और वीआईपी में सीटों का बंटवारा इस तरह हुआ है:

  •  राजद: 143 सीटें
  •  कांग्रेस: 61 सीटें
  •  भाकपा (माले): 20 सीटें
  •  वीआईपी (मुकेश सहनी): 15 सीटें

हालांकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने खुद को चुनाव से अलग कर लिया है, जिससे गठबंधन को झटका लगा है.

दोस्ताना मुकाबलों वाली प्रमुख सीटें:

  •  कांग्रेस बनाम राजद: वैशाली, वारिसलीगंज, लालगंज, कहलगांव
  •  कांग्रेस बनाम भाकपा: बछवाड़ा, राजापाकर, रोसड़ा, बिहारशरीफ