'EVM पर अब रंगीन फोटो...', 29 नवंबर से पहले चुनाव समाप्त, CEC ने बिहार चुनाव को क्यों बताया ऐतिहासिक
ECI Press Conference: आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया और अधिक सहज बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कई नए सुधारों की घोषणा की है.
ECI Press Conference: आज रविवार, 5 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस दौरन बिहार के सभी जिला स्तर के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने भाग लिया. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने विशेष गहन सुधार (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान BLOs के काम की सराहना की. उन्होंने कहा कि SIR में 90,000 से अधिक BLOs ने हिस्सा लिया.
आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया और अधिक सहज बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कई नए सुधारों की घोषणा की है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि बिहार पहला राज्य होगा, जहां ईवीएम (Electronic Voting Machine) पर उम्मीदवारों की तस्वीरें और बैलट पत्र रंगीन (Colour) में दिखाई जाएंगी.
तस्वीरें काले और सफेद रंग की होती
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि वर्तमान में ईवीएम बैलट पर उम्मीदवारों की तस्वीरें काले और सफेद रंग की होती हैं, जिससे मतदाता पहचान में कठिनाई महसूस करते हैं, जबकि चुनाव चिह्न स्पष्ट रहते हैं. उन्होंने कहा, "अब बिहार चुनावों से शुरू होकर पूरे देश में ईवीएम बैलट पर उम्मीदवारों की तस्वीरें रंगीन दिखाई जाएंगी और क्रमांक (Serial Number) की फ़ॉन्ट साइज भी बढ़ाई जाएगी. इससे मतदाता आसानी से उम्मीदवार की पहचान कर सकेंगे."
चुनाव आयोग ने यह भी घोषणा की कि अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे. बूथ स्तर के अधिकारियों के लिए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, ताकि वे मतदाताओं के लिए स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकें. इसके साथ ही मोबाइल फोन को मतदान केंद्र के बाहर एक अलग कमरे में जमा कराया जाएगा. आयोग ने यह भी कहा कि हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी.
चुनाव को उत्साह के साथ मनाएं
ज्ञानेश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव 22 नवंबर 2025 से पहले सम्पन्न कराने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि बिहार में कुल 243 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें 2 अनुसूचित जनजाति (ST) और 38 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं. विशेष गहन मतदाता संशोधन (SIR) प्रक्रिया 24 जून 2025 को शुरू की गई थी और समयसीमा के भीतर पूरी कर ली गई.
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बिहार में पहली बार बूथ स्तर के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया. CEC ने मतदाताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र के इस महोत्सव को उत्साहपूर्वक मनाएं और मतदान अवश्य करें. उन्होंने कहा, "बिहार के मतदाता इसे उसी तरह उत्साह के साथ मनाएं जैसे वे छठ पर्व मनाते हैं. सभी मतदान करें और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें."
पारदर्शी चुनाव बनाने का प्रयास
इससे पहले, राजनीतिक दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर बिहार विधानसभा चुनाव छठ पर्व के बाद तुरंत कराने की इच्छा जताई थी. राजनीतिक दलों ने आयोग की सफल SIR प्रक्रिया के लिए भी धन्यवाद दिया. हालांकि, यह प्रक्रिया चुनावों से पहले राजनीतिक विवाद का कारण भी बनी.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी साफ किया कि चुनाव आयोग मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और नए सुधारों के माध्यम से बिहार विधानसभा चुनाव को देश में सबसे सुचारू और पारदर्शी चुनाव बनाने का प्रयास कर रहा है.
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