menu-icon
India Daily

IPL 2025 के बीच यशस्वी जायसवाल को नहीं मिली कप्तानी तो छोड़ा टीम का साथ, अब इस टीम से खेलेंगे युवा बल्लेबाज

Yashasvi Jaiswal: यशस्वी जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई की तरफ से खेलने से मना कर दिया है. अब वे गोवा के लिए खेलते हुए दिखाई देने वाले हैं और वहां के कप्तान भी बन सकते हैं.

Praveen
Edited By: Praveen
IPL 2025 के बीच यशस्वी जायसवाल को नहीं मिली कप्तानी तो छोड़ा टीम का साथ, अब इस टीम से खेलेंगे युवा बल्लेबाज
Courtesy: Social Media

Yashasvi Jaiswal: आईपीएल 2025 के बीच मुंबई के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने मंगलवार को मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को एक ईमेल भेजकर अपनी क्रिकेट टीम का राज्य बदलने की अनुमति मांगी. उनका कहना है कि वे अगले सीजन से मुंबई की जगह गोवा के लिए खेलेंगे. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जायसवाल ने गोवा के साथ अपना करियर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है और इसके लिए उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है.

यशस्वी जायसवाल का यह कदम उनके करियर में एक बड़ा मोड़ हो सकता है क्योंकि गोवा ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट स्टेज के लिए क्वालिफाई किया है. यह उनके लिए एक नई शुरुआत का अवसर हो सकता है. इस कदम के बाद वे गोवा क्रिकेट टीम से जुड़ेंगे, जो इस समय काफी उत्साही और संघर्षशील टीम मानी जा रही है.

मुंबई में यशस्वी जायसवाल करियर

यशस्वी ने अपनी शुरुआत मुंबई से की थी और वह कई सालों तक मुंबई क्रिकेट का अहम हिस्सा रहे हैं. 23 साल के यशस्वी ने मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में भी मैच खेले, जिसमें उन्होंने जम्मू और कश्मीर के खिलाफ 4 और 26 रन बनाए थे. पिछले कुछ सालों में उनकी बल्लेबाजी में लगातार सुधार हुआ है और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी प्रतिभा साबित की है.

भारत के लिए भी कर चुके हैं शानदार प्रदर्शन

हाल ही में, यशस्वी ने 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने 5 टेस्ट मैचों में 391 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे. इस प्रदर्शन के बाद उनकी पहचान भारतीय क्रिकेट में मजबूत हो गई है और उन्हें भविष्य में भारत के लिए खेलते हुए देखने की उम्मीद है.

यशस्वी ने क्यों छोड़ा मुंबई का साथ?

यशस्वी का मुंबई से हटने का फैसला उनके लिए व्यक्तिगत रूप से एक चुनौतीपूर्ण हो सकता है लेकिन इस बदलाव को लेकर उन्होंने इसे अपनी नई दिशा के रूप में देखा है. कुछ सूत्रों के अनुसार वह कप्तानी न मिलने के बाद थोड़े निराश थे और यही कारण है कि उन्होंने अपने करियर के नए अध्याय के लिए गोवा टीम को चुना है.