यशस्वी पर मंडरा रहा बैन का खतरा? श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़े, 2022 में रहाणे ने बचाया था करियर
कोलंबो टेस्ट में यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच विकेट के बाद विवाद हो गया. दोनों के बीच शारीरिक संपर्क भी हुआ. अब आईसीसी की संभावित कार्रवाई पर नजर है.
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले के दौरान मैदान पर अचानक माहौल गरमा गया. भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को आउट करने के बाद श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया. इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई. मामला इतना बढ़ा कि दोनों आमने-सामने आ गए और उनके बीच शारीरिक संपर्क भी हुआ. अब इस घटना पर ICC के संभावित एक्शन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
विकेट के बाद शुरू हुआ विवाद
भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में यह घटना हुई. यशस्वी ने असिथा के ओवर में तीन चौके लगाए थे, लेकिन आखिरी गेंद पर गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्टंप्स से जा टकराई. विकेट मिलते ही असिथा ने यशस्वी को सेंड ऑफ दिया. भारतीय बल्लेबाज इससे नाराज दिखे और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई.
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दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आए
आउट होने के बाद यशस्वी पवेलियन जाने के बजाय गेंदबाज की ओर बढ़ गए. देवदत्त पडिक्कल ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इसी दौरान दोनों खिलाड़ी काफी करीब आ गए. उनके सिर आपस में टकराते हुए दिखाई दिए. घटना के बाद मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की. अब यही शारीरिक संपर्क ICC की जांच का मुख्य बिंदु बन सकता है.
ICC के नियमों में कड़ी सजा
ICC के आचार संहिता में मैदान पर शारीरिक टकराव और हिंसक व्यवहार के लिए अलग प्रावधान हैं. अनुच्छेद 2.18 शारीरिक हमले से जुड़ा है, जबकि 2.19 हिंसक आचरण से संबंधित है. मामले की गंभीरता के आधार पर खिलाड़ियों पर जुर्माना और डिमेरिट अंक लगाए जा सकते हैं. अंतिम फैसला मैच अधिकारियों और आईसीसी के आकलन पर निर्भर करेगा.
क्या यशस्वी पर लग सकता है प्रतिबंध?
यशस्वी के पिछले 24 महीनों में कोई डिमेरिट अंक नहीं है. अगर उन्हें चार या उससे ज्यादा डिमेरिट अंक मिलते हैं, तो वे निलंबन के दायरे में आ सकते हैं. चार अंक एक निलंबन अंक में बदल सकते हैं, जिसके बाद एक टेस्ट या दो वनडे या दो टी20 मैचों का प्रतिबंध संभव है. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि घटना को किस स्तर का उल्लंघन माना जाएगा.
पहले भी विवादों में रहे हैं यशस्वी
यशस्वी के करियर में मैदान पर बहस का यह पहला मामला नहीं है. 2022 के दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी उनकी टी रवि तेजा से कई बार नोकझोंक हुई थी. अंपायरों की चेतावनी के बाद तत्कालीन कप्तान अजिंक्य रहाणे ने उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया था. बाद में रहाणे ने बताया था कि मैच रेफरी यशस्वी पर चार मैचों के प्रतिबंध पर विचार कर रहे थे.