कप्तानी में और निखरा गिल का खेल... 3000 टेस्ट रन पूरे कर इस खास सूची में बनाई जगह
कोलंबो टेस्ट में शुभमन गिल ने 3000 टेस्ट रन पूरे कर खास उपलब्धि हासिल की. 26 साल 349 दिन की उम्र में वह भारत के लिए इस मुकाम तक पहुंचने वाले चौथे सबसे युवा बल्लेबाज बने.
श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में शुभमन गिल का बल्ला फिर चला है. पहले टेस्ट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले भारतीय कप्तान ने दूसरे मुकाबले में अर्धशतक लगाया. इसी पारी के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन पूरे कर लिए. गिल ने 26 साल 349 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की. इसके साथ ही वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में 3000 टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए.
गिल ने हासिल किया खास मुकाम
गिल ने 43 टेस्ट मैचों की 77 पारियों में 3004 रन पूरे कर लिए हैं. उनके नाम अब 11 शतक और आठ अर्धशतक दर्ज हैं. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गजों की सूची में जगह बनाई है. सचिन तेंदुलकर ने 23 साल 228 दिन की उम्र में यह आंकड़ा छुआ था. वीरेंद्र सहवाग ने 26 साल 157 दिन और दिलीप वेंगसरकर ने 26 साल 263 दिन में 3000 टेस्ट रन पूरे किए थे.
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कप्तानी में और निखरा गिल का खेल
भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी संभालने के बाद गिल के प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला है. कप्तान के रूप में उन्होंने 11 टेस्ट की 18 पारियों में 74.06 की औसत से 1111 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से छह शतक और एक अर्धशतक निकला. उनका सर्वोच्च स्कोर 269 रन रहा है. कोलंबो में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और टीम को शुरुआती झटकों से उबारने में अहम भूमिका निभाई.
जायसवाल ने दी तेज शुरुआत
भारत ने कोलंबो टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. यशस्वी जायसवाल ने शुरुआत में तेजी से रन जुटाए और 53 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 45 रन बनाए. केएल राहुल 18 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद गिल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभाला. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी हुई. गिल 108 गेंदों में 50 रन बनाकर आउट हुए, जबकि पडिक्कल ने शानदार शतक लगाया.