2 सीरीज, 6 हार! गंभीर का एक्सपेरिमेंट और अय्यर की कप्तानी ने डूबाई टीम की लुटिया...! जानें इंग्लैंड सीरीज का खलनायक कौन?

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम, कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर सवालों के घेरे में हैं. अब BCCI कप्तान और कोच से इस शर्मनाक हार की जवाबदेही चाहेगी.

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Meenu Singh

टी20 विश्व कप जीतने के कुछ महीने बाद ही भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरी तरह बदल गया. आयरलैंड के बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी. लगातार हार ने टीम संयोजन, कप्तानी और कोचिंग रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब BCCI की समीक्षा बैठक में हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. 

ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से लेकर टीम प्रबंधन के फैसलों तक हर पहलू की समीक्षा होगी. बोर्ड इस मीटिंग में जानना चाहेगी कि आखिर टीम किस कारण से हार रही है. कप्तानी में कमी है, कोचिंग में कमी है या फिर टीम कॉम्बिनेशन में कोई कमी है, बोर्ड इन सभी सवालों का जवाब जानना चाहेगी. 

गौतम गंभीर की रणनीति पर उठे सवाल

बोर्ड सबसे पहले कोच गौतम गंभीर को सवालों के घेरे में लेगी, क्योंकि हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम के नाम कई निराशाजनक रिकॉर्ड जुड़े हैं. इंग्लैंड दौरे पर टीम एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं रही. इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ भी टीम को हार मिली थी. लगातार छह मैच गंवाने के बाद टीम चयन, रणनीति और लगातार बदलावों को लेकर गंभीर की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं. इसके अलावा गंभीर का एक्सपेरिमेंट मोड भी सबकी समझ के परे रहा. 


क्या BCCI ने कप्तान चुनने में की गलती? 

टीम की इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से अब सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव को हटाने और नया कप्तान चुनने में जल्दबाजी तो नहीं कर दी. क्योंकि जहां टीम इंडिया सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में एक भी सीरीज नहीं हारी थी वहीं अय्यर की कप्तानी में भारत एक भी मैच नहीं जीता है. 

बता दें अय्यर भारत के लिए इस प्रारूप में करीब 3 साल बाद वापसी कर रहे है. हालांकि वह आईपीएल और अन्य घरेलू टूर्नामेंट के माध्यम से टी20 फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी वो क्लास दिखाने में नाकाम हो रहे हैं. BCCI ये पचा नहीं पा रही है कि टीम 7 मैच में लगातार 6 मैच हार जाती है. और इन हार को यह कहकर टाल देना कि देशों की कंडिशन अलग थी सरासर बेवकूफी होगी.

जिम्बाब्वे सीरीज हो सकती है आखिरी मौका 

अब भारतीय टीम को जिम्बाब्वे का सामना करना है. हालांकि जिम्बाब्वे की जीत इन हार के जख्मों को तो नहीं भर सकती है लेकिन अगर गलती से अय्यर इस सीरीज को भी जीतने में असफल हो गए तो उनके लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है. क्योंकि, जिम्बाब्वे सीरीज अय्यर के लिए खुद को साबित करने का आखिरी मौका हो सकता है.

खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा निराशाजनक

सिर्फ शीर्ष क्रम ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे निरंतर प्रभाव नहीं छोड़ सके. गेंदबाजी में भी टीम विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रही.

रैंकिंग और रिकॉर्ड दोनों पर असर

लगातार हार का असर भारत की अंतरराष्ट्रीय टी20 रैंकिंग पर भी पड़ा. लंबे समय तक शीर्ष स्थान पर रहने के बाद टीम को पहला स्थान गंवाना पड़ा और इंग्लैंड शीर्ष पर पहुंच गया. हालिया नतीजों ने यह भी दिखाया कि विश्व कप जीत के बाद मिली बढ़त को बनाए रखना आसान नहीं होता.

अब समीक्षा बैठक पर टिकी निगाहें

BCCI की प्रस्तावित समीक्षा बैठक में टीम के प्रदर्शन, चयन प्रक्रिया और रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है. लगातार हार के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा और भविष्य की योजनाओं पर भी फैसला लिया जा सकता है. आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भारतीय टीम के लिए केवल वापसी का अवसर नहीं, बल्कि आलोचनाओं का जवाब देने की भी बड़ी परीक्षा होंगे.