Bumrah पर भरोसा या बड़ा रिस्क? Hardik Pandya को लेकर BCCI की नीति पर सवाल

मौजूदा समय में भारतीय गेंदबाजी की बैकबोन कहे जाने वाले यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह फिलहाल पूरी तरह से फिट नहीं हैं, इसके बावजूद BCCI ने उनकी फिटनेस के साथ जोखिम लेते हुए उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ स्क्वाड में शामिल किया है.

ANI
Meenu Singh

बीती शाम BCCI ने आगामी T20  सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है. जिसकी कमान श्रेयस अय्यर के हाथ में थमाई गई है. टीम इंडिया और अफगानिस्तान के बीच ये तीन मैच की टी20 सीरीज 13 सितंबर से शुरु होगी. जिसके लिए खिलाड़ियों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरु कर दी हैं.

लेकिन टीम के ऐलान के बाद सेलेक्शन को लेकर फैंस के मन में कई सवाल हैं. जिनमें सबसे बड़ा और अहम सवाल जसप्रीत बुमराह के सेलेक्शन को लेकर है. क्योंकि बुमराह अभी पूरी तरह से फिट नहीं और उसके बावजूद बोर्ड उन्हें लेकर रिस्क ले रही है, जोकि बुमराह और भारतीय टीम दोनों के भविष्य को लेकर बिलकुल सही नहीं है. और अगर रिस्क लिया जा रहा है तो उन्हें ही लेकर ये खतरा मोल क्यों लिया जा रहा हार्दिक पांड्या को लेकर क्यों नहीं. 

बुमराह की फिटनेस से क्यों खेल रही BCCI 

मौजूदा समय में भारतीय गेंदबाजी की बैकबोन कहे जाने वाले यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह पिछले काफी समय से चोटिल चल रहे हैं. वह अभी पूरी तरह से फिट नहीं हुए हैं जिस कारण वह इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ खेले गए 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का भी हिस्सा नहीं थे लेकिन उस सीरीज में भी बुमराह को पहले शामिल किया गया लेकिन बाद में अनफिट होने चलते उन्हें बाहर कर जम्मू कश्मीर के औकिब नबी को टीम में शामिल किया गया था. 


यह केवल एक बार की कहानी नहीं है इससे पहले भी ये हुआ है कि बुमराह पूरी तरह से फिट नहीं होते हैं और BCCI उन्हें स्क्वाड में शामिल कर लेती है. आखिर बोर्ड क्यों बुमराह की फिटनेस को लेकर ये रिस्क ले रही है यह समझ के परे है. 

टीम पर भारी पड़ सकता है ये रिस्क 

बुमराह को लेकर हो रही ये लापरवाही BCCI और टीम इंडिया पर ही भारी पड़ सकती है. क्योंकि बुमराह मौजूदा समय में टीम की बॉलिंग स्ट्रेंथ हैं. अगर चोट के कारण बुमराह के करियर पर विराम लगता है तो बोर्ड के लिए उनकी जगह भरना फिलहाल मुश्किल हो जाएगा. बता दें बीते कुछ समय में बुमराह कई चोटों से गुजर चुके हैं. वह BGT 2025  के आखिरी मैच में भी चोटिल हो गए थे जिस कारण वह चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए थे. इसके अलावा अभी के कुछ सीरीज भी वह अपनी फिटनेस के कारण नहीं खेल पाए थे.

हार्दिक को क्यों मिल रही रियायत 

अब फैंस के आगे सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर BCCI बुमराह की फिटनेस के साथ इतना बड़ा रिस्क ले सकती है तो वह हार्दिक पांड्या के साथ वही रिस्क क्यों नहीं ले रही है. आखिर हार्दिक को इतनी रियायत क्यों दी जा रही है जबकि हार्दिक तो टेस्ट क्रिकेट से भी दूर हैं. वह केवल वनडे और टी20 में ही खेलते दिखाई देते हैं और बुमराह तीनों प्रारूप के मुख्य गेंदबाज हैं. 

फैंस के लिए ये समझ पाना थोड़ा मुश्किल होगा कि अगर मैनेजमेंट बुमराह को बिना पूरी तरह से फिट हुए टीम में शामिल कर सकता है तो वही काम वह हार्दिक के साथ क्यों नहीं कर सकता है.