IND vs WI 2nd Test: वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन (सोमवार, 13 अक्टूबर) इतिहास रच दिया. उन्होंने न केवल अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया जो पिछले 60 सालों में किसी भी सलामी बल्लेबाज के नाम नहीं था.
पलटवार के नायक बने जॉन कैंपबेल
भारत ने पहली पारी में 270 रनों की बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद वेस्टइंडीज को फॉलो-ऑन खेलने के लिए मजबूर किया था. लेकिन दूसरी पारी में कैरेबियाई टीम ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया. इस पलटवार के नायक बने जॉन कैंपबेल, जिन्होंने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला.
दिल्ली में टेस्ट शतक लगाने वाले मेहमान सलामी बल्लेबाज -
| खिलाड़ी | रन | देश | साल |
| बर्ट शूफाइल | 230 | न्यूज़ीलैंड | 1955 |
| जॉन होल्ट | 123 | वेस्ट इंडीज | 1959 |
| डेनिस एमिस | 179 | इंग्लैंड | 1976 |
| जियोफ्रे बॉयकॉट | 105 | इंग्लैंड | 1981 |
| टिम रॉबिन्सन | 160 | इंग्लैंड | 1984 |
| जॉन कैंपबेल | 115 | वेस्ट इंडीज | 2025 |
32 वर्षीय कैंपबेल ने अपने करियर के 25वें टेस्ट मैच की 50वीं पारी में शतक पूरा किया. इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 68 रन था, जो उन्होंने 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन में बनाया था. दिलचस्प बात यह है कि इस शतक से पहले उन्होंने सिर्फ तीन बार ही अर्धशतक लगाया था.
इस शतक के साथ जॉन कैंपबेल ने 21वीं सदी का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया. वह दुनिया के पहले ऐसे ओपनर बने जिन्होंने 50 पारियों के बाद टेस्ट शतक लगाया. टेस्ट क्रिकेट के पूरे इतिहास में उनसे पहले सिर्फ इंग्लैंड के ट्रेवर गॉडर्ड ने 60 साल पहले यह अनोखा रिकॉर्ड बनाया था.
दिल्ली में किया कारनामा
कैंपबेल ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. वह 21वीं सदी में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम पर किसी विदेशी टीम के पहले ओपनर बने जिन्होंने टेस्ट शतक लगाया. उनसे पहले 1984 में इंग्लैंड के टिम रॉबिनसन ने इस मैदान पर शतक लगाया था. यानी 41 साल बाद किसी विदेशी ओपनर ने दिल्ली में यह कारनामा किया है.
दिल्ली के इस प्रतिष्ठित मैदान पर यह 17वीं बार हुआ है जब किसी बल्लेबाज ने अपना पहला टेस्ट शतक यहीं बनाया है. इससे पहले विव रिचर्ड्स और कपिल देव जैसे महान खिलाड़ी भी इसी मैदान पर अपना पहला शतक जड़ चुके हैं.
वेस्टइंडीज की ओर से भारत में किसी ओपनर का आखिरी टेस्ट शतक 2002 में कोलकाता में वेवेल हाइंड्स ने लगाया था. वहीं, किसी भारतीय टीम के खिलाफ किसी कैरेबियाई ओपनर का पिछला शतक 2006 में डैरेन गंगा ने सेंट किट्स में बनाया था. जॉन कैंपबेल की यह पारी न केवल उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई है, बल्कि इसने वेस्टइंडीज क्रिकेट को भी नई उम्मीद दी है.