चैंपियंस ट्रॉफी से पहले अपनी इस कमजोरी पर काम करते हुए नजर आए विराट कोहली, देखें रणजी ट्रॉफी से पहले बैटिंग का Video
Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली रणजी ट्रॉफी में दिल्ली टीम का हिस्सा बनने के बाद अपनी कमियों पर मेहनत करते नजर आए. कोहली के नेट सेशन में उनका बैकफुट खेल प्रमुखता से दिखा. उन्होंने शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ पुल और कट शॉट्स का अभ्यास किया.
Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली रणजी ट्रॉफी में दिल्ली टीम का हिस्सा बनने के बाद अपनी कमियों पर मेहनत करते नजर आए. कोहली ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अपनी पहली प्रैक्टिस के दौरान बैकफुट पर कई शानदार शॉट खेले. दिल्ली टीम का सामना 30 जनवरी से रेलवे के खिलाफ होने वाले अंतिम ग्रुप मैच में होगा.
प्रैक्टिस से पहले कोहली ने हल्की दौड़ और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज की. इसके बाद उन्होंने करीब 45 मिनट तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया. इस दौरान उन्होंने पांच तेज गेंदबाजों और दो बाएं हाथ के स्पिनरों का सामना किया. अभ्यास के दौरान कोहली ने फ्रंटफुट पर रक्षात्मक खेल दिखाया, जबकि बैकफुट पर कट और पुल शॉट खेलने में पूरी तरह निपुण नजर आए.
बैकफुट खेल पर दिया खास ध्यान
कोहली के नेट सेशन में उनका बैकफुट खेल प्रमुखता से दिखा. उन्होंने शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ पुल और कट शॉट्स का अभ्यास किया. इसके अलावा उन्होंने 16 गज की दूरी से गेंदबाजी का भी सामना किया. इससे उनकी टाइमिंग और तेज गेंदों के खिलाफ प्रतिक्रिया बेहतर होती नजर आई.
टीम के साथी खिलाड़ियों ने साझा किए अनुभव
दिल्ली के युवा खिलाड़ी अर्पित राणा ने कहा, "विराट भाई के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना शानदार अनुभव है. उन्होंने हमसे खेल और अन्य सामान्य विषयों पर चर्चा की. अगले प्रैक्टिस सेशन में हम आगामी मैच को लेकर बात करेंगे."
संजय बांगड़ के साथ भी किया था अभ्यास
दिल्ली आने से पहले कोहली ने मुंबई के अलीबाग में पूर्व भारतीय बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ के साथ भी अभ्यास किया. इस दौरान उन्होंने बैक ऑफ लेंथ डिलीवरी का सामना करने के लिए विशेष तकनीक का अभ्यास किया. एक पोर्टेबल सीमेंट स्लैब का उपयोग किया गया ताकि उछाल और गति को बेहतर तरीके से समझा जा सके.
ऑस्ट्रेलिया दौरे की गलतियों से ली सीख
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कोहली को फ्रंटफुट पर अधिक खेलने के कारण समस्याएं झेलनी पड़ी थीं. बैकफुट पर सीमित शॉट्स के चलते वह शॉर्ट बॉल पर फंसते दिखे. इस दौरे पर उन्होंने पांच टेस्ट में कुल 185 रन बनाए, जिसमें पर्थ टेस्ट में शतक शामिल था. हालांकि, इसके बाद उनकी फॉर्म में गिरावट आई और आखिरी चार टेस्ट में वह सिर्फ 85 रन बना सके.