श्रीलंका की क्रिकेट टीम पिछले कुछ सालों से इंटरनेशनल क्रिकेट में संघर्ष करती हुई नजर आ रही है. हालांकि, सनथ जयसूर्या के हेड कोच बनने के बाद लंकाई टीम के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है. उन्होंने अपने घर पर पहले भारत को और फिर न्यूजीलैंड जैसी टीम को हराया. इसी के साथ अब उनको कोई भी टीम हल्के में नहीं ले सकती है.
इसी कड़ी में अब ऑस्ट्रेलिया की टीम श्रीलंका का दौरा करने वाली है. इस दौरे पर हमें टेस्ट क्रिकेट में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. दोनों टीमें बुधवार (29 जनवरी) को एक-दूसरे के खिलाफ भिड़ती हुई नजर आने वाली हैं. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रैविस हेड पहले टेस्ट मैच में पारी की शुरूआत करते हुए नजर आने वाले हैं.
पिछली बार, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया ने नाथन मैकस्वीनी को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया था, जहां उन्होंने ओपनिंग की थी. लेकिन उनकी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन न करने के कारण टीम ने उन्हें बदलकर सैम कॉनस्टास को मौका दिया. हालांकि, अब श्रीलंका दौरे में ट्रैविस हेड को ऊपर भेजने का निर्णय लिया गया है.
स्टैंड-इन कप्तान स्टीव स्मिथ ने ट्रैविस हेड की तारीफ करते हुए कहा, "उन्होंने भारत में नई गेंद के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने तुरंत स्पिन गेंदबाजों पर दबाव बनाया और तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी उनका स्ट्राइक रेट अच्छा था. उनके खेल को देखना मजेदार होगा." हेड का ओपनिंग में आना इस बात का संकेत है कि टीम अपने बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन दिखाने के लिए तैयार है, खासकर उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में.
स्टीव स्मिथ ने यह भी संकेत दिया कि यदि सैम कॉनस्टास को खेलने का मौका नहीं मिलता, तो भी यह दौरा उनके लिए काफी सीखने वाला रहेगा. स्मिथ ने अपने करियर का जिक्र करते हुए कहा, "2013 में मैंने भी कुछ मैच नहीं खेले थे, लेकिन नेट प्रैक्टिस के दौरान मैंने अपनी तकनीक और स्किल्स पर काफी काम किया. यह अनुभव भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है."
ऑस्ट्रेलिया का यह कदम श्रीलंका की गेंदबाजी के खिलाफ काफी असरदार साबित हो सकता है. ट्रैविस हेड और उस्मान ख्वाजा की जोड़ी श्रीलंका के गेंदबाजों को शुरुआती झटके देने के लिए जानी जाती है. हेड का आक्रामक खेल और ख्वाजा का अनुभव श्रीलंकाई गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है.