'मैं अब राजा हूं...', विनोद कांबली ने शराब, सिगरेट और लड़कियों के साथ पार्टी करने की नहीं मानी थी बात, पूर्व खिलाड़ी का खुलासा

Vinod Kambli: भारत के पूर्व खिलाड़ी विनोद कांबली को लेकर योगराज सिंह ने बड़ा खुलासा किया है. योगराज का कहना है कि काबंली ने शराब-सिगरेट और पार्टी नहीं करने वाली बात नहीं मानी थी.

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Praveen Kumar Mishra

Vinod Kambli: भारतीय क्रिकेट में कभी सितारा माने जाने वाले विनोद कांबली की जिंदगी आज एक सबक की तरह है. एक समय था जब उन्हें सचिन तेंडुलकर से भी बड़ा खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन ग्लैमर और गलत आदतों ने उनके करियर और जिंदगी को बर्बाद कर दिया. हाल ही में मुंबई में रमाकांत अचरेकर मेमोरियल के उद्घाटन के दौरान कांबली की हालत देखकर लोग हैरान रह गए. उनकी बीमारियों और हाल के खुलासों ने फिर से चर्चा को जन्म दिया है. 

हाल ही में विनोद कांबली की तबीयत खराब होने की खबरें सामने आईं. उन्हें यूरीनरी इन्फेक्शन सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा. उनकी हालत देखकर 1983 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने उनके रिहैब के लिए मदद की पेशकश की. कांबली ने इस मदद को स्वीकार किया, लेकिन जल्द ही उन्हें ठाणे के अकृति अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. सौभाग्य से, इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिल गई. अब प्रशंसक यही उम्मीद कर रहे हैं कि वह स्वस्थ और बेहतर जीवन जी रहे हों.

ग्लैमर ने बर्बाद किया करियर

विनोद कांबली का क्रिकेट करियर शानदार शुरू हुआ था. 1990 के दशक में उनकी तुलना सचिन तेंडुलकर से की जाती थी. कुछ लोग तो मानते थे कि कांबली सचिन से भी ज्यादा प्रतिभाशाली थे. लेकिन, जहां सचिन ने अनुशासन और मेहनत से क्रिकेट के भगवान का दर्जा हासिल किया, वहीं कांबली ग्लैमर और गलत आदतों के जाल में फंस गए. शराब, सिगरेट और पार्टियों ने उनके करियर को खत्म कर दिया.

योगराज सिंह की चेतावनी

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज योगराज सिंह ने हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि जब कांबली अपने करियर के चरम पर थे, तब उन्होंने उन्हें गलत रास्ते से बचने की सलाह दी थी. योगराज ने कहा, "मैंने कांबली से कहा था कि शराब, सिगरेट और लड़कियों के साथ पार्टियां करना बंद करो. इस रास्ते पर चलने से तुम बर्बाद हो जाओगे. लेकिन कांबली ने जवाब दिया, 'यह ग्लैमर है, मैं राजा हूं.'" योगराज ने यह भी कहा कि कोई भी खिलाड़ी खेल से बड़ा नहीं होता, और कांबली को इसकी कीमत चुकानी पड़ी.