दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर हराकर खिताब अपने नाम किया. इस मुकाबले में ईशान किशन, मोहम्मद शमी और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा थे. हालांकि, तीनों को एक जैसी मैच फीस नहीं मिली. टीम के उपकप्तान वैभव को शमी और ईशान से कम रकम मिली. इसके पीछे उनकी भूमिका नहीं, बल्कि BCCI का फर्स्ट क्लास क्रिकेट से जुड़ा नियम है.
BCCI खिलाड़ियों की मैच फीस उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट के अनुभव के आधार पर तय करता है. 41 या उससे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी पहली श्रेणी में आते हैं. 21 से 40 मैच खेलने वालों को दूसरी कैटेगरी में रखा जाता है, जबकि 0 से 20 मैच खेलने वाले खिलाड़ी तीसरी श्रेणी में आते हैं. इसी व्यवस्था के कारण टीम में उपकप्तान होने के बावजूद वैभव को कम भुगतान मिला.
41 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को प्रतिदिन 60 हजार रुपये मैच फीस मिलती है. 21 से 40 मुकाबलों वाले खिलाड़ियों के लिए यह राशि 50 हजार रुपये प्रतिदिन है. वहीं, 0 से 20 मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को रोजाना 40 हजार रुपये मिलते हैं. चूकि वैभव अभी तीसरी कैटेगरी में आते हैं, इसलिए उनकी फीस 40 हजार रुपये प्रतिदिन रही.
मोहम्मद शमी और ईशान किशन 41 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं. इसलिए दोनों को प्रतिदिन 60 हजार रुपये के हिसाब से मैच फीस मिली. ईस्ट जोन के अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप कुमार घरामी, अनुकूल रॉय, अभिजीत सरकार और मुकेश कुमार को भी 60 हजार रुपये प्रतिदिन मिले. कुमार कुशाग्र दूसरी कैटेगरी में होने के कारण 50 हजार रुपये के हकदार रहे.
फाइनल में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 163 ओवर में 708 रन बनाए. कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की बड़ी पारी खेली. जवाब में साउथ जोन 336 रन पर सिमट गया. ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 99.2 ओवर में 388/7 का स्कोर बनाया. मैच ड्रॉ रहा, लेकिन 372 रन की पहली पारी की बढ़त के चलते ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया.