चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. ईशान किशन की अगुआई वाली टीम ने पूरे पांच दिन मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी. पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर बड़ी बढ़त बनाई. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए. कप्तान ईशान किशन ने शानदार 270 रन की पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन जोड़े. साउथ जोन की तरफ से त्रिपुराना विजय ने चार विकेट लिए. जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई. कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन बनाए, जबकि ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने तीन विकेट झटके.
पहली पारी में 372 रन की बढ़त लेने के बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी बल्लेबाजों के दम पर मजबूत स्कोर बनाया. टीम ने सात विकेट पर 388 रन बनाए. मोहम्मद कौनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन की शानदार पारी खेली, जबकि अनुकूल रॉय ने 64 रन बनाए. दोनों टीमों ने इसके बाद मुकाबला ड्रॉ करने का फैसला किया.
पहली पारी की 372 रन की बढ़त ईस्ट जोन के लिए खिताब जीतने के लिए पर्याप्त रही. टीम ने 13 साल के लंबे अंतराल के बाद दलीप ट्रॉफी पर कब्जा किया. इससे पहले ईस्ट जोन ने 2013 में यह ट्रॉफी जीती थी. क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक टीम ने लगातार प्रभावशाली क्रिकेट खेला और हर विभाग में अपनी ताकत दिखाई.
सिर्फ 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी इस चैंपियन टीम का हिस्सा रहे. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में उपयोगी योगदान देकर कम उम्र में बड़ा अनुभव हासिल किया. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी ईस्ट जोन की सफलता में अहम भूमिका निभाई. दूसरी ओर साउथ जोन के लिए मोहम्मद सिराज का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और टीम खिताब से दूर रह गई.