किस्मत के भरोसे चल रहे..., वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग स्टाइल पर इस पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने उठाए सवाल
भारतीय क्रिकेट के नए सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है. महज 14 साल के इस खिलाड़ी ने आईपीएल और अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर अपनी काबिलियत साबित की है.
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के फलक पर वैभव सूर्यवंशी एक ऐसे चमकते सितारे के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने अपनी छोटी सी उम्र में ही बड़े-बड़े दिग्गजों को अचंभित कर दिया है. पिछले सीजन राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने वाले वैभव ने आईपीएल 2025 में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सबको मुरीद बना लिया था. महज 14 साल की उम्र में उन्होंने जिस तरह से गगनचुंबी छक्के लगाए और गेंदबाजों की बखिया उधेड़ी, उसने उन्हें रातों-रात एक नई पहचान और प्रसिद्धि दिला दी है.
वैभव की प्रतिभा का सबसे बड़ा प्रमाण 2026 के अंडर-19 विश्व कप फाइनल में देखने को मिला. इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने केवल 80 गेंदों पर 175 रनों की अविश्वसनीय और दमदार पारी खेली. उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने स्कोरबोर्ड पर 400 से अधिक रन टांगे और फाइनल में एकतरफा जीत हासिल की. इस प्रदर्शन ने दुनिया को बता दिया कि यह युवा खिलाड़ी क्रिकेट के मैदान पर लंबी रेस का घोड़ा है.
आईपीएल में तूफानी स्ट्राइक रेट
आईपीएल 2025 में वैभव ने 200 से अधिक की स्ट्राइक रेट से रन बनाए और एक शानदार शतक भी जड़ा, जो उनके बड़े मैचों के खिलाड़ी होने का सबूत है. राजस्थान रॉयल्स ने इस युवा प्रतिभा पर जो भरोसा जताया था, वैभव ने उसे पूरी तरह सही साबित किया. अपनी बिग-हिटिंग क्षमता के कारण वे टीम के बल्लेबाजी क्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं.
उथप्पा की तकनीकी चिंताएं
एक तरफ वैभव की हर तरफ वाहवाही हो रही है, वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने उनकी तकनीक को लेकर कुछ गंभीर सवाल उठाए हैं. उथप्पा का मानना है कि वैभव एक बेहतरीन खिलाड़ी तो हैं, लेकिन वर्तमान में वे काफी हद तक अपनी किस्मत के भरोसे खेल रहे हैं. उन्होंने जियोस्टार पर बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट में केवल भाग्य के सहारे लंबे समय तक टिकना चुनौतीपूर्ण है.
सीखने और सुधार का सीजन
उथप्पा के अनुसार, टॉप लेवल पर गेंदबाज आपकी कमजोरियों को जल्दी पहचान लेते हैं. इसलिए वैभव के लिए यह सीजन काफी कुछ सीखने वाला होगा. रॉबिन ने सचेत किया है कि गेंदबाजों की रणनीति के सामने वैभव को अपनी रक्षात्मक तकनीक और फुटवर्क पर काम करना होगा. हालांकि वैभव रन बनाएंगे, लेकिन पिछले साल की शानदार फॉर्म को बरकरार रखना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है.
राजस्थान रॉयल्स की नई कप्तानी
इस बार आईपीएल में वैभव का कद काफी बढ़ गया है और उम्मीद है कि वे रियान पराग की कप्तानी वाली टीम के लिए सभी 14 मैच खेलेंगे. यशस्वी जायसवाल के साथ उनकी ओपनिंग जोड़ी मैदान पर धूम मचा सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वैभव अपनी बल्लेबाजी में सुधार कर रॉबिन उथप्पा की चिंताओं को गलत साबित कर पाएंगे और खुद को एक तकनीकी रूप से सक्षम बल्लेबाज बनाएंगे.