महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का वो चेहरा बन चुके हैं जिन्हें अब पूरा देश जानता है. वैभव के फैंस के फैंस केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हैं. वैभव क्रिकेट के साथ-साथ विज्ञापन बाजार में भी चर्चा का बड़ा नाम बन गए हैं.
फिलहाल वैभव अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज की तैयारियों में व्यस्त हैं. हालांकि पहले मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. मैदान से दूर रहने के बावजूद उनकी ब्रांड वैल्यू लगातार बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार का यह युवा क्रिकेटर एक दिन के विज्ञापन शूट के लिए करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक फीस ले रहा है.
वैभव की क्रिकेट प्रतिभा ने उन्हें बेहद कम उम्र में पहचान दिलाई है. IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद उनकी लोकप्रियता और बाजार में मांग तेजी से बढ़ी है. अब कंपनियां भी उनके साथ जुड़ने में दिलचस्पी दिखा रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन के विज्ञापन शूट के लिए उन्हें 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं. इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी कमर्शियल वैल्यू हासिल करना भारतीय क्रिकेट में असाधारण माना जा रहा है.
वैभव अभी उस उम्र में हैं, जब ज्यादातर बच्चे पढ़ाई हैं, शैतानियां करते हैं और सामान्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं. कानूनी तौर पर वैभव अभी गाड़ी नहीं चला सकते और वोट भी नहीं दे सकते. यहां तक कि IPL में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद मिली टाटा एसयूवी चलाने के लिए भी उन्हें तीन साल का इंतजार करना होगा. उन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा छोड़कर क्रिकेट को प्राथमिकता दी. जिसके बाद से उनकी तुलना मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से की जाने लगी है.
नाबालिग होने की वजह से वैभव खुद व्यावसायिक समझौतों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते. उनके कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट्स की जिम्मेदारी फिलहाल उनके माता-पिता संभाल रहे हैं. उनके पास अभी कोई पेशेवर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एजेंसी भी नहीं है. ऐसे में परिवार के सदस्य और राजस्थान रॉयल्स की टीम उनके विज्ञापन और दूसरे व्यावसायिक मामलों में मार्गदर्शन कर रहे हैं. इतनी कम उम्र में बढ़ती कमाई के बीच इन फैसलों की अहमियत और बढ़ जाती है.
वैभव की लोकप्रियता देखकर कंपनियां उनके फ्यूचर को ध्यान में रखकर निवेश कर रही हैं. माना जा रहा है कि ब्रांड उनके आने वाले सालों की संभावनाओं को देखकर उनसे जुड़ना चाहते हैं. हालांकि, इतनी कम उम्र में लगातार विज्ञापन और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखना भी चुनौती है. सबसे अहम सवाल यही है कि कमाई और शोहरत की तेज रफ्तार के बीच वैभव अपने क्रिकेट पर पूरा ध्यान कैसे बनाए रखते हैं.