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India Daily

TTFI का खेल मंत्रालय से आग्रह, सस्पेंशन पर दोबारा हो विचार

टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खेल मंत्रालय से अपनी मान्यता रद्द करने का फैसला रोकने और दोबारा समीक्षा करने की मांग की है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
TTFI का खेल मंत्रालय से आग्रह, सस्पेंशन पर दोबारा हो विचार
Courtesy: X

खेल मंत्रालय के सस्पेंशन आदेश के बाद टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अपना पक्ष सामने रखा है. TTFI ने कहा कि जिन कमियों को लेकर कार्रवाई की गई, उनमें से कई पहले ही दूर की जा चुकी थीं. फेडरेशन ने मंत्रालय से आदेश पर फिर विचार करने और अंतरिम व्यवस्था रोकने की अपील की.

मंत्रालय के फैसले पर TTFI ने क्या कहा?

खेल मंत्रालय ने 12 अगस्त को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता निलंबित कर दी थी और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से खेल का काम संभालने के लिए एड-हॉक कमेटी बनाने को कहा था. मंत्रालय ने समय पर चुनाव नहीं कराने और शो-कॉज नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने को कार्रवाई की वजह बताया था. अब TTFI अध्यक्ष मेघना अहलावत की ओर से जारी बयान में फेडरेशन ने इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है. TTFI का कहना है कि किसी बाहरी या अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था से फेडरेशन की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है. उसने ओलंपिक चार्टर के नियम 27 और 28 का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल महासंघों को अपना प्रशासन चलाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए.

फेडरेशन ने कमियों पर रखा अपना पक्ष

TTFI ने कहा कि वह सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत एक स्वायत्त संस्था है और उसका काम संविधान व जनरल बॉडी के निर्देशों के अनुसार होता है. फेडरेशन के मुताबिक मंत्रालय के शो-कॉज नोटिस में उठाई गई चिंताओं में से कई का समाधान पहले ही किया जा चुका था या फिर उन पर अतिरिक्त जानकारी दी जानी थी. TTFI ने 7 जुलाई को मंत्रालय को विस्तृत जवाब भी भेजा था, जिसमें बैठकों के रिकॉर्ड, प्रस्ताव और ऑडिट किए गए दस्तावेज शामिल थे. फेडरेशन ने हाल की अपनी उपलब्धियों का भी जिक्र किया और बताया कि भारत के पांच महिला और तीन पुरुष खिलाड़ी ITTF की टॉप-100 या टॉप-50 रैंकिंग में हैं. साथ ही 2022 एशियन गेम्स और 2026 एशियन यूथ चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के पदकों का भी उल्लेख किया गया.

अंदरूनी विवादों के बीच सस्पेंशन पर बढ़ी चिंता

TTFI पिछले कुछ महीनों से अपने प्रशासन को लेकर भी चर्चा में रहा है. जनवरी में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में सेक्रेटरी जनरल और पूर्व खिलाड़ी कमलेश मेहता को निलंबित किया गया था. उन्होंने इस कार्रवाई को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद अदालत ने उनका सस्पेंशन रद्द कर दिया. अब फेडरेशन का कहना है कि वह मंत्रालय के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है और सामने आई हर चिंता को दूर करने के लिए तैयार है. TTFI ने साफ किया कि वह अच्छे गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट कोड ऑफ इंडिया, 2011 और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025 के तहत काम करने को प्रतिबद्ध है. फेडरेशन ने मंत्रालय से 12 अगस्त के आदेश को फिलहाल रोककर पूरे मामले की नए सिरे से समीक्षा करने की अपील की है.