अहमदाबाद: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम घरेलू दर्शकों के समर्थन के साथ मैदान पर उतरेगी.
पिछले साल आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराया था. इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मैदान पर जीत के लिए कितना स्कोर सुरक्षित माना जाएगा. हाल के मैचों में यहां रन बरसते रहे हैं, जिससे फाइनल भी रोमांचक होने की उम्मीद है.
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है. 2012 के बाद यहां खेले गए 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 183 रहा है. पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने औसतन करीब 189 रन बनाए हैं. वहीं, लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का औसत स्कोर लगभग 176 रहा है. इन आंकड़ों से साफ है कि यहां रन बनाना संभव है, लेकिन बड़ा स्कोर खड़ा करना जीत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
इस मैदान पर खेले गए 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 9 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीते हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि लक्ष्य तय करना यहां अक्सर फायदेमंद रहता है. सुपर-8 राउंड के अहम मुकाबले में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए हार का स्वाद चखा था. उस मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई थी.
अहमदाबाद में अब तक खेले गए 28 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 13 बार टीमों ने 180 से ज्यादा रन बनाए हैं. इस टूर्नामेंट में भी 180 रन को एक संतुलित स्कोर माना गया है. हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए 190 या उससे ज्यादा रन बनाना टीम को मजबूत स्थिति में ला सकता है. यदि कोई टीम 200 के करीब पहुंच जाती है तो विपक्ष के लिए लक्ष्य हासिल करना काफी कठिन हो सकता है.
इस मैदान पर अब तक तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन स्पिनरों से बेहतर रहा है. अहमदाबाद में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में तेज गेंदबाजों ने 117 विकेट लिए हैं, जबकि स्पिनरों को केवल 43 विकेट मिले हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी यही ट्रेंड जारी है, जहां स्पिनरों को कुल विकेटों में से करीब 28.76 प्रतिशत ही सफलता मिली है. ऐसे में फाइनल में भी तेज गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है.
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अहमदाबाद में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने यहां चार विकेट लिए हैं और उनका इकॉनमी रेट 4.57 रहा है. अर्शदीप सिंह भी यहां प्रभावी रहे हैं. न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन, जैकब डफी और मैट हेनरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ज्यादा सफलता नहीं मिली थी, लेकिन फाइनल में वे बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करेंगे. अब देखना दिलचस्प होगा कि भारत दबाव के इस मुकाबले में जीत हासिल कर पाता है या नहीं.