महिला एशिया कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हांगकांग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 137 रनों की बड़ी जीत दर्ज की. 5 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजी में हांगकांग की पारी को रोक दिया.
इस मुकाबले में कई भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाजी में श्री चरणी का प्रदर्शन खास रहा. उन्होंने कम ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. इसके साथ ही चरणी ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.
हांगकांग के खिलाफ श्री चरणी ने 3.2 ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ 16 रन खर्च करते हुए दो विकेट अपने नाम किए. इस प्रदर्शन के साथ ही 2026 में उनके T20I विकेटों की संख्या 31 हो गई है. 31 विकेट के साथ श्री चरणी एक कैलेंडर ईयर में भारत की महिला टीम के लिए सबसे ज्यादा T20I विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं. उन्होंने इस मामले में अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ दिया है. दीप्ति शर्मा ने 2024 में एक कैलेंडर ईयर में 30 T20I विकेट लिए थे. वहीं, 2022 में उनके नाम 29 विकेट रहे थे.
एक कैलेंडर ईयर में भारत की महिला टीम के लिए सबसे ज्यादा T20I विकेट लेने का रिकॉर्ड फिलहाल पूनम यादव के नाम है. उन्होंने 2018 में कुल 35 विकेट हासिल किए थे. श्री चरणी के नाम 2026 में अब 31 विकेट हो चुके हैं. ऐसे में वह पूनम यादव के रिकॉर्ड से सिर्फ चार विकेट पीछे हैं. अगर चरणी मौजूदा प्रदर्शन को आगे भी जारी रखती हैं, तो उनके पास इस रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका होगा. एक कैलेंडर ईयर में भारत की महिला टीम के लिए सबसे ज्यादा T20I विकेट लेने वाली खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:
हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी भी बेहद प्रभावशाली रही. टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने शानदार शतक जड़ा और 64 गेंदों पर 124 रन की तूफानी पारी खेली. मंधाना की इस पारी की बदौलत भारतीय टीम पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही. उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी दिया गया.
मैच के बाद स्मृति मंधाना ने अपनी पारी को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि भारत को हांगकांग की टीम और उसके गेंदबाजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी क्योंकि दोनों टीमें पहली बार आमने सामने थीं. मंधाना के मुताबिक, ऐसी स्थिति में बल्लेबाज को पिछली क्रिकेट को भूलकर गेंद को देखकर खेलने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने पर ध्यान देना पड़ता है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए फुल टॉस गेंदें हमेशा आसान नहीं रही हैं. मंधाना ने मजाकिया अंदाज में बताया कि फुल टॉस पर कभी छक्का लगाया जा सकता है, लेकिन उसी गेंद पर आउट होने का खतरा भी रहता है.