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India Daily

Asian Games 2026: एशियाई खेलों के लिए कोई रियायत नहीं... सिलेक्शन नियमों को लेकर खेल मंत्रालय सख्त

खेल मंत्रालय ने कहा है कि Asian Games 2026 के लिए तय चयन नियमों से समझौता नहीं होगा. केवल मेडल की मजबूत दावेदारी रखने वाले और मानकों पर खरे उतरने वाले खिलाड़ियों को ही टीम में जगह मिलेगी.

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Edited By: Ashutosh Rai
Asian Games 2026: एशियाई खेलों के लिए कोई रियायत नहीं... सिलेक्शन नियमों को लेकर खेल मंत्रालय सख्त
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जापान के आइची-नागोया में होने वाले Asian Games 2026 के लिए भारत की 492 खिलाड़ियों वाली टीम को मंजूरी मिल चुकी है. एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 73 खिलाड़ी हैं. हालांकि टीम में कुछ और नाम जुड़ सकते हैं. खेल मंत्रालय ने साफ किया है कि इसके लिए तय चयन नियमों को बदला नहीं जाएगा.

समर्थकों के दबाव के बावजूद नियमों में नहीं होगा बदलाव

खेल मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि पिछले साल सितंबर में घोषित चयन नियमों को पूरा नहीं करने वाले खिलाड़ियों को जापान भेजने पर विचार नहीं किया जाएगा. मंत्रालय के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों के माता-पिता और समर्थकों की ओर से चयन को लेकर दबाव बनाया गया था. टीम तैयार करते समय तय मानकों का ही पालन किया गया. मंत्रालय का कहना है कि एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजन में केवल ऐसे खिलाड़ियों को भेजना सही है, जिनसे पदक जीतने की वास्तविक उम्मीद हो. इसी सोच के तहत महाद्वीपीय रैंकिंग में शीर्ष छह में रहने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई है.

मेडल की उम्मीद वाले खिलाड़ियों पर ही रहेगा फोकस

पिछले साल घोषित नीति में कहा गया था कि मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स के लिए उन्हीं खिलाड़ियों पर विचार होगा, जिनके पदक जीतने की मजबूत संभावना है. चयन ट्रायल की वीडियोग्राफी और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी का प्रावधान भी रखा गया था. खेल मंत्री मनसुख मंडाविया पहले ही कह चुके हैं कि एशियन गेम्स को केवल खिलाड़ियों को अनुभव दिलाने का जरिया नहीं माना जाना चाहिए. इसी नियम के चलते कमजोर महाद्वीपीय रैंकिंग वाली भारतीय फुटबॉल टीम शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई. मंत्रालय का कहना है कि खिलाड़ियों को एक साल पहले ही नियमों की जानकारी दे दी गई थी, इसलिए उन्हें उसी के अनुसार तैयारी करने का मौका मिला.

टेनिस टीम पर विवाद

Asian games 2026 के लिए टीम चुनने का मुद्दा कई बार विवादों में भी रहा है. घुड़सवार अनुष अग्रवाल ने टीम में जगह नहीं मिलने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी. टेनिस में ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन के शुरुआती चयन से पांच खिलाड़ियों को हटाए जाने पर भी सवाल उठे हैं. सुमित नागल को पुरुष सिंगल्स में टीम का एकमात्र खिलाड़ी चुना गया है, जबकि सहजा यमलापल्ली समेत महिला खिलाड़ियों के नाम शामिल नहीं किए गए. AITA और रोहन बोपन्ना ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है.